
नई दिल्ली: देश में एक बार फिर पुराने पैटर्न की तरह कोरोना पांव पसारता दिख रहा है. भारत में न केवल कोरोना वायरस के नए मरीज मिल रहे हैं, बल्कि कोविड-19 के नए सब-वैरिएंट जेएन.1 के बढ़ते मामलों ने भी लोगों को डरा दिया है. यही वजह है कि अभी से ही केंद्र सरकार अलर्ट मोड में आ चुकी है और राज्यों को सतर्कता बरतने की सलाह दे रही है. केंद्र सरकार ने राज्यों को दिशा-निर्देश जारी किया है कि कोरोना के सभी पॉजिटिव सैंपल्स जीनोम सिक्वेंसिंग यानी जिनोम अनुक्रमण के लिए भेजे जाएं.
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले से अवगत लोगों ने शुक्रवार को कहा कि केंद्र सरकार ने राज्यों को पूरे जीनोम अनुक्रमण के लिए सभी पॉजिटिव कोविड-19 टेस्ट स्वाब के नमूने भेजने का निर्देश दिया है. इस कदम को कोविड के बढ़ते मामलों के मद्देनजर सतर्कता बरतने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है. केंद्र सरकार का यह निर्देश ऐसे वक्त में आया है, जब कुछ राज्यों में कोरोना के JN.1 वैरिएंट के प्रकोप ने चिंता पैदा कर दी है कि यह व्यापक रूपप से फैल सकता है, मगर अब तक राहत की हात यह है कि अधिकारियों ने अभी तक गंभीर बीमारी की रिपोर्ट या अस्पताल में भर्ती होने की दर में कोई वृद्धि नहीं देखी है.
रिपोर्ट में सीनियर सरकारी अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि यह समग्र कोविड निगरानी का एक हिस्सा है, जिसे पूरे देश में मजबूत किया जा रहा है. सभी आरटी-पीसीआर पॉजिटिव सैंपल्स को संपूर्ण जीनोम अनुक्रमण के लिए INSACOG प्रयोगशालाओं में भेजने की आवश्यकता है ताकि कोरोना के वैरिएंट के प्रकार का पता चल सके. राज्यों को कोविड टेस्ट बढ़ाने के लिए कहा गया है, जो बीमारी के प्रसार को कम करने के लिए महत्वपूर्ण है. हालांकि, केंद्र सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है, ये सारे उपाय केवल एहतियाती हैं.
कहां-कहां कोरोना के बढ़ रहे केस
यहां बताना जरूरी है कि कोरोना टेस्ट में आरटी-पीसीआर परीक्षण यह निर्धारित करते हैं कि जांच कराने वाले शख्स में कोरोना के वायरस मौजूद है या नहीं, जबकि संपूर्ण जीनोम अनुक्रमण कोरोना वायरस के सैंपल में म्यूटेशन अथवा वैरिएंट की पहचान करने में मददगार होते हैं. केंद्रों के अलावा, अब राज्यों ने भी लोगों के लिए दिशा-निर्देश जारी करना शुरू कर दिया है. कई राज्यों में तो मास्क को फिर से अनिवार्य कर दिया गया है और भीड़-भाड़ वाली जगहों से बचने को कहा गया है. भारत में केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, गोवा, पुडुचेरी, गुजरात, तेलंगाना, पंजाब और दिल्ली में कोरोना के मामलों में तेजी देखी गई है.

अभी तक देश में कितने जेएन-1 के केस
देश में गुरुवार तक कोविड-19 उपस्वरूप जेएन.1 के 22 मामले सामने आ चुके हैं, जिसमें से 21 मामले गोवा जबकि एक केरल से सामने आया. आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी. सूत्रों ने बताया कि गोवा में किसी जगह जेएन.1 स्वरूप तेजी से नहीं फैला है और इससे संक्रमित व्यक्ति ठीक हो चुके हैं और उन्हें संक्रमण संबंधी कोई जटिलता नहीं है. उन्होंने कहा कि जो लोग इसकी चपेट में आए, उनके ऊपरी श्वसन तंत्र में हल्का संक्रमण हुआ और हल्की सूखी खांसी, गला खराब होना जैसे लक्षण दिखे तथा बुखार नहीं आया. सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि नवंबर में, जेएन.1 स्वरूप का पता लगाने के लिए पूरे जीनोम अनुक्रमण के लिए 62 नमूने इंडियन सार्स-कोव-2 जीनोमिक कंसोर्टियम (आईएनएसएसीओजी) की विभिन्न प्रयोगशालाओं में भेजे गए थे, जबकि दिसंबर में, अब तक 253 नमूने भेजे गए हैं. अब तक कुल 253 नमूने भेजे जा चुके हैं. देश में 21 दिसंबर तक जेएन.1 उपस्वरूप के 22 मामले सामने आ चुके हैं.
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Tags: Coronavirus, Covid, Covid 18
FIRST PUBLISHED : December 23, 2023, 07:04 IST





