
नई दिल्ली. ट्रेनों से रोजाना 1.85 करोड़ यात्री सफर करते हैं. इनमें एसी, स्लीपर और जनरल क्लास सभी श्रेणी के यात्री शामिल हैं. लेकिन देश के ज्यादातर लोग आज भी जनरल और स्लीपर क्लास से सफर करते हैं. रेलवे ने स्वयं इस संबंध में पूर्व में आंकड़े जारी किए थे. हालांकि करीब दो तिहाई कोच स्लीपर और जनरल हैं और एक तिहाई एसी कोच हैं.
रेलवे के आंकड़ों के अुनसार पिछले आठ माह में (अप्रैल-अक्टूबर 2023 के दौरान) देश के सभी ट्रेनों में कुल 390.20 करोड़ यात्रियों ने सफर किया. इनमें से 372 करोड़ यात्रियों ने नॉन एसी मतलब यानी जनरल और स्लीपर क्लास में यात्रा किया. अगर फीसदी की बात करें तो यह रेलगाड़ी में सफर करने वाले कुल यात्रियों का 95.3 फीसदी है. वहीं, एसी क्लास में कुल 18.2 करोड़ यात्रियों ने सफर किया. यह रेलवे के सभी क्लासों में सफर करने वालों की तुलना में केलव 4.7 फीसदी ही है.
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यही वजह है कि ट्रेनों में ज्यादातर मारामारी नॉन एसी क्लास यानी स्लीपर और जनरल में होती है. हालांकि दो तिहाई कोच नॉन एसी हैं. मौजूदा प्रीमियम ट्रेनों के अलावा मेल, एक्सप्रेस और पसेंजर में कुल कोचों की संख्या 68534 है. इसमें नॉन एसी स्लीपर और जनरल कोच 44946 हैं, जबकि एसी कोचों की संख्या 23588 है. हालांकि इन आंकड़ों में अभी सबअर्बन यानी लोकल ट्रेनों के कोचों की संख्या शामिल नहीं है.
भारतीय रेलों से 800 करोड़ यात्री सालाना सफर कर रहे हैं. इनके लिए रोजाना प्रीमियम, मेल और एक्सप्रेस 2122 ट्रेन और 2852 पैंसेजर ट्रेनों का संचालन हो रहा है. हालांकि रेलवे का कहना है कि अगले तीन से चार वर्ष में भारतीय रेलवे की क्षमता सालाना 1000 करोड़ यात्री की होगी.
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FIRST PUBLISHED : December 21, 2023, 12:21 IST





