
हाइलाइट्स
देश में कोविड मामलों की दैनिक संख्या बढ़ने से महामारी की नई लहर का डर.
पिछले 24 घंटों में देश भर में कुल 358 कोविड मामले सामने आए हैं.
पिछले 24 घंटों में देश भर में कोविड के कारण 6 लोगों की मौत.
नई दिल्ली. देश में इस वक्त कोविड मामलों (Covid 19 Cases) की दैनिक संख्या बढ़ने और कई राज्यों की मास्क लगाने के बारे में एडवायजरी जारी करने से कोरोना महामारी की गंभीर यादें ताजा हो गई हैं. जिसने दो साल तक लोगों को घर के अंदर बंद रहने को मजबूर कर दिया था और दिलों में डर जगा दिया था. पिछले 24 घंटों में देश भर में कुल 358 कोविड मामले सामने आए हैं, जिनमें से 300 अकेले केरल में हैं. इस दौरान कोविड के कारण 6 लोगों की मौत हो गई. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक देश में इस वक्त कोविड के 2,669 एक्टिव केस हैं.
‘एनडीटीवी’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक कल दर्ज किए गए कोविड के 614 मामलों की संख्या मई के बाद से सबसे ज्यादा है, जिसने खतरे की घंटी बजा दी है. कोविड संक्रमणों में यह बढ़ोतरी जेएन.1 (JN.1) नामक एक कोविड वेरिएंट से हुई है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने JN.1 को ‘रुचि के प्रकार’ के वेरिएंट में शामिल किया है. साथ ही डब्ल्यूएचओ ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि उत्तरी गोलार्ध में सर्दियों की शुरुआत के साथ जेएन.1 के कारण कई देशों में सांस के संक्रमण का बोझ बढ़ा सकता है.
डब्ल्यूएचओ की पूर्व मुख्य वैज्ञानिक डॉ. सौम्या स्वामीनाथन ने बीमारी के लंबे समय तक होने वाले प्रभावों के कारण कोविड को सामान्य सर्दी के रूप में खारिज करने के प्रति आगाह किया है. कोच्चि के अस्पतालों में निमोनिया के 30 फीसदी मामले कोविड पॉजिटिव निकले और भारत के अन्य हिस्सों में भी ऐसा होने की संभावना है. इस आशंका के बारे में सौम्या स्वामीनाथन ने कहा कि जेएन.1 ओमीक्रॉन का एक सब-वेरिएंट है. उम्मीद है कि यह ओमीक्रॉन की तरह व्यवहार करेगा. हर नए वेरिएंट में अधिक संक्रामक होने के कुछ गुण मिलते हैं. यह उन एंटीबॉडी प्रतिक्रियाओं से बचने या उनसे बचने में सक्षम है जो हमारे सिस्टम में पहले से मौजूद हैं.

डब्ल्यूएचओ की पूर्व मुख्य वैज्ञानिक डॉ. सौम्या स्वामीनाथन ने कहा कि इसलिए यह यह उन लोगों को संक्रमित करता है जो पहले ही संक्रमित हो चुके हैं. जो लोग कोविड के नए वेरिएंट को सामान्य सर्दी की तरह मान रहे हैं, उनके लिए डॉ. स्वामीनाथन ने चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि यह आम सर्दी से बहुत अलग है. ऐसा न केवल लोगों के कोविड से पैदा तेज निमोनिया से गंभीर रूप से बीमार होने के कारण ही नहीं बल्कि इसके लंबे समय तक रहने वाले प्रभावों के कारण भी है.
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Tags: Coronavirus, COVID 19, Covid-19 Variant, WHO, WHO chief scientist Soumya Swaminathan
FIRST PUBLISHED : December 21, 2023, 13:37 IST





