Hindi Poetry: तुम्हारी याद इस तरह, जैसे धूप का एक टुकड़ा- अमृता प्रीतम

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News18

अमृता की आत्मा के शब्द पढ़ने हों, उनकी विद्रोही जिंदगी के एक-एक मासूम पल से गुजरना हो, ‘रसीदी टिकट’ की अतल गहराइयों में उतर जाइए, उनकी भावनाओं, उनके शब्दों के सारे पते-ठिकाने पन्ना-पन्ना खुलते चले जाते हैं.

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