कौन है Manish Kashyap, किस वजह से थे जेल में बंद? पीछे पड़ी थी बिहार-तामिलनाडु पुलिस, अब मिली राहत

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नई दिल्‍ली. महीनों से बिहार की जेल में बंद यूट्यूबर मनीष कश्यप को बिहार हाई कोर्ट ने दो मामलों में जमानत दे दी है. परिवार का कहना है कि जल्‍द ही वो बाहर आ जाएंगे. मनीष कश्‍यप उर्फ त्रिपुरारी तिवारी पर केवल बिहार ही नहीं बल्कि तमिलनाडु में भी मुकदमे दर्ज हैं. दोनों राज्‍यों की पुलिस ने उसे फेक वीडियो केस में आरोपी लगाया है. उसपर राष्‍ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत भी मुकदमा दर्ज किया गया था. हालांकि बीते महीने मद्रास हाई कोर्ट ने इस मामले में उसे राहत दे दी थी. मन में सवाल उठना लाजमी है कि आखिर मनीष कश्‍यप है कौंन, जिसे लेकर इस वक्‍त इतनी चर्चा हो रही है. आइये हम आपको उसके बारे में बताते हैं.

मनीष कश्‍यप मूल रूप से बिहार के बेतिया का रहने वाला है. साल 2020 में वो बिहार की चनपटिया विधानसभा सीट से चुनाव भी लड़ा था. वो निर्दलीय उम्‍मीदवार के तौर पर मैदान में थे और उन्‍हें हार का सामना करना पड़ा था. मनीष कश्‍यप के यूट्यूब पर 1.98 मिलियन फॉलोअर्स हैं. उनके चैनल पर करीब ढाई हजार वीडियो हैं. वो बिहार से जुड़े कई सामाजिक मुद्दों पर सालों से मीडियो बना रहे हैं. केवल बिहार में ही नहीं बल्कि हिन्‍दी स्‍पीकिंग बेल्‍ट में उनके वीडियो काफी पसंद किए जाते हैं.

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बिहार और तमिलनाडु पुलिस ने क्‍यों की गिरफ्तारी?
दरअसल, तमिलनाडु में बिहार के मजदूरों के साथ मारपीट का कथित वीडियो मनीष कश्‍यप ने अपने आधिकारिक यूट्यूब चैनल से शेयर किया था. यह वीडियो बनाकर वो कानून के जाल में बुरी तरह फंस गया. वीडियो वायरल होने के बाद तमिलनाडु सरकार हरकत में आई. यहां तक कि तमिलनाडु के तत्कालीन डीजीपी शैलेंद्र बाबू ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट करते हुए इस वीडियो को भ्रामक करार दिया था. बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने भी इसी मामले को लेकर मनीष कश्यप के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी.

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पुलिस की दबिश पर किया सरेंडर?
पुलिस ने दबिश दी तो मनीष कश्यप भूमिगत हो गया. जब बेतिया पुलिस ने मनीष के घर की कुर्की जब्ती शुरू की तो उसने स्थानीय थाने में सरेंडर कर दिया था. EOU टीम ने केस अपने कब्जे में लेकर मनीष से पूछताछ की और जेल भेज दिया. तमिलनाडु पुलिस की टीम पटना पहुंची और 30 मार्च 2023 को ट्रांजिट रिमांड पर तमिलनाडु पुलिस अपने साथ ले गई थी.

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