
भारत में मंगलवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 21 मई के बाद सबसे अधिक 614 मामले दर्ज किए गए जिससे उपचाराधीन मरीजों की संख्या बढ़कर 2,311 हो गई. वहीं कोरोना के नए वेरिएंट को देखते हुए चंडीगढ़ प्रशासन ने लिया बड़ा फैसला लिया है. चंडीगढ़ में मास्क की वापसी हुई है. प्रशासन ने लोगों को भीड़भाड़ वाले इलाके में मास्क पहनने की सलाह दी है. इतना ही नहीं भीड़भाड़ वाले इलाकों से बचने की हिदायत भी प्रशासन ने दी है. वहीं, गाजियाबाद में भारतीय जनता पार्टी के पार्षद अमित त्यागी कोरोना संक्रमित पाए गए हैं.
चंडीगढ़ प्रशासन ने अस्पताल जाने वाले मरीज और उनके तीमारदारों को मास्क पहनना जरूरी कर दिया है. बुखार जुकाम और सांस लेने में तकलीफ जैसे सिम्टम्स आने के बाद तुरंत डॉक्टर को दिखाना जरूरी हो गया है. अगर कोई व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव पाया जाता है तो उसे तुरंत 7 दिन के लिए खुद को आइसोलेट होना जरूरी हो गया है. यह हिदायतें चंडीगढ़ प्रशासन ने लोगों के लिए की जारी की है.
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, केरल में बीते 24 घंटों में तीन मरीजों की मौतों से मृतकों की संख्या बढ़कर 5,33,321 हो गयी है जबकि देश में कोविड-19 के कुल मामलों की संख्या 4.50 करोड़ (4,50,05,978) है. आंकड़ों के अनुसार, इस बीमारी से उबरने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 4,44,70,346 हो गयी है और स्वस्थ होने की राष्ट्रीय दर 98.81 प्रतिशत है. संक्रमण से जान गंवाने की दर 1.19 फीसदी है. मंत्रालय की वेबसाइट के अनुसार, देश में अभी कोविड-19 रोधी टीकाकरण अभियान के तहत 220.67 करोड़ खुराक दी गयी हैं.
मालदीव से लौटे परिवार के दो लोग कोरोना संक्रमित
मालदीव की यात्रा के बाद गृह नगर इंदौर लौटे एक ही परिवार के दो लोग हफ्ते भर के भीतर कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं. स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी. समेकित रोग निगरानी कार्यक्रम (आईडीएसपी) की जिला इकाई के नोडल अधिकारी डॉ. अमित मालाकार ने बताया कि कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए लोगों में एक 33 वर्षीय महिला और एक 38 वर्षीय पुरुष शामिल हैं. उन्होंने बताया कि 13 दिसंबर को कोरोना वायरस संक्रमित मिली महिला उसके घर में पृथक-वास (होम आइसोलेशन) में रखे जाने की सात दिन की अवधि पूरी कर चुकी है, जबकि पुरुष के बारे में 18 दिसंबर को पता चला कि वह भी इस महामारी की जद में है.
मालाकार ने बताया कि कोरोना वायरस से संक्रमित पुरुष अब भी अपने घर में पृथक-वास में है. उन्होंने बताया कि दोनों मरीज एक-दूसरे के नजदीकी रिश्तेदार हैं और कुछ दिन पहले मालदीव की यात्रा से लौटे थे. उनमें सर्दी-खांसी के लक्षण पाए गए। दोनों की हालत ठीक है. मालाकार ने बताया कि वे कोरोना वायरस के किस स्वरूप से संक्रमित हैं, यह पता लगाने के लिए दोनों मरीजों के नमूने पूर्ण जीनोम अनुक्रमण जांच के लिए भोपाल के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) भेजे गए हैं. देश में कोरोना वायरस के नये जेएन.1 स्वरूप का पहला मामला आठ दिसंबर को केरल में सामने आया था. सरकार ने सर्द मौसम और विशेष रूप से नये साल के उत्सव के दौरान बंद स्थानों में अपेक्षित भीड़ के संदर्भ में आम जनता को एहतियाती उपायों का पालन करने के लिए कहा है.
दिल्ली है कोरोना के नए वैरियंट से निपटने को तैयार
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा कि कोरोना वायरस का नया उप-स्वरूप जेएन.1 संक्रामक है, लेकिन इसके लक्षण हल्के हैं और राष्ट्रीय राजधानी सरकार इससे निपटने के लिए पूरी तरह से सतर्क और तैयार है. देश में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी के बीच अधिकारियों ने कहा कि दिल्ली सरकार जीनोम अनुक्रमण की निगरानी बढ़ाएगी. सौरभ भारद्वाज ने बताया कि ऑक्सीजन सिलेंडर, वेंटिलेटर से लैस बिस्तरों और अन्य आवश्यकताओं की फिर से समीक्षा की जा रही है. वायरस के नए उपस्वरूप के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि यह ओमीक्रॉन का एक प्रकार है. यह हल्का है. यह संक्रामक है, लेकिन इसकी प्रकृति बहुत गंभीर नहीं है. फिर भी, सरकार मरीजों के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर, वेंटिलेटर युक्त बिस्तरों और आइसोलेशन वार्ड जैसी सभी आवश्यक व्यवस्थाएं कर रही है. इन सभी आवश्यकताओं की फिर से समीक्षा की जा रही है.
गोवा में कोरोना को लेकर एडवाजरी जारी
गोवा के स्वास्थ्य मंत्री विश्वजीत राणे ने कहा कि राज्य में 19 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हैं, लेकिन उनमें इस बीमारी के मामूली लक्षण हैं, जिसके चलते उन्हें घर में पृथक रखा गया है. देश के विभिन्न हिस्सों में कोविड-19 के नए उपस्वरूप के मामले सामने आने को लेकर उपजी चिंता के बीच उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना वायरस के ताजा प्रकोप से निपटने के लिए कमर कस ली है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया की अध्यक्षता में हुई डिजिटल बैठक में भाग लेने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए राणे ने कहा कि गोवा में कोरोना वायरस के फिलहाल 19 मरीज हैं, उनमें से सभी में हल्के लक्षण हैं और किसी की भी हालत गंभीर नहीं है. राणे ने कहा है कि कोविड-19 का कोई भी मरीज अस्पताल में भर्ती नहीं है। हल्के लक्षण होने के कारण सभी को घर में पृथक रखा गया है.
राजस्थान में कोरोना के 2 केस आए सामने
देश में कई जगह कोरोना वायरस के नए मामले सामने आने के बाद राज्य में चिकित्सा विभाग को सतर्कता बरतने और एहतियातन आवश्यक तैयारियां करने के निर्देश दिए गए हैं. अधिकारियों के अनुसार, जैसलमेर में कोरोना वायरस संक्रमण के दो मामले सामने आए हैं. चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव शुभ्रा सिंह ने बुधवार को यहां उच्च स्तरीय बैठक की. इसमें उन्होंने कोरोना प्रबंधन के लिए चिकित्सा शिक्षा आयुक्त शिवप्रसाद नकाते की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय कमेटी गठित करते हुए ‘ग्रेडेड रिस्पांस सिस्टम’ (मामलों की संख्या के अनुसार चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता) तैयार किए जाने के निर्देश दिए हैं, ताकि आवश्यकता होने पर रोगियों को तत्काल आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें. बैठक में जनस्वास्थ्य निदेशक डॉ. रवि प्रकाश माथुर ने बताया कि जैसलमेर जिले में कोरोना वायरस संक्रमण के दो मामले सामने आए हैं. उन्होंने बताया कि चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार इससे चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है. यह वायरस गंभीर प्रकृति का नहीं है, इसलिए दोनों रोगियों को घर में पृथक रहने की सलाह दी गई है.
अधिकारियों ने बैठक का ब्यौरा देते हुए बताया कि चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, कोविड का नया उपस्वरूप ‘जेएन.1’ खतरनाक नहीं है. अधिकारियों ने बताया कि इस वायरस के इस उपस्वरूप से संक्रमित हुए करीब 90 प्रतिशत रोगियों को अस्पताल में भर्ती किए जाने की आवश्यकता नहीं पड़ रही है और वे घर पर ही पृथकवास में रहते हुए सामान्य उपचार से ठीक हो रहे हैं. इससे घबराने या भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है। केवल सावधानी बरतने की जरूरत है. उन्होंने बताया कि राज्य में इस उपस्वरूप को लेकर फिलहाल चिंता की कोई स्थिति नहीं है. सिंह ने कहा कि नए उपस्वरूप से खतरा नहीं होने के बावजूद प्रदेश में एहतियात के तौर पर कोविड प्रबंधन से जुड़ी सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की जाएं. उन्होंने प्रदेश के राजकीय अस्पतालों के साथ ही निजी अस्पतालों में भी जांच, दवा, बिस्तर, ऑक्सीजन सहित अन्य चिकित्सा सुविधाओं को परखने के लिए 26 दिसंबर को पुनः ‘मॉक ड्रिल’ किए जाने के निर्देश दिए. सिंह ने आयुष्मान चिरंजीवी कार्ड की ई-केवाईसी की प्रगति की समीक्षा करते हुए इस काम को 26 जनवरी 2024 तक पूरा करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि ई-केवाईसी के लिए जिलों को दैनिक लक्ष्य आवंटित कर निगरानी की जाए एवं खराब प्रदर्शन करने वाले जिलों में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए.
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Tags: Corona Case
FIRST PUBLISHED : December 20, 2023, 23:41 IST





