Explainer : क्या होती है क्राउडफंडिंग, जिससे पैसा जुटाना चाहती है कांग्रेस, अमेरिका में कैसे बहुत सफल

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हाइलाइट्स

क्राउडफंडिंग अमेरिका और यूरोप के सियासी जगत में बहुत सामान्य और असरदार तरीका है
भारत जैसे देश में आम आदमी पार्टी ने जरूर ऐसा कुछ किया है लेकिन छोटे स्तर पर
क्राउडफंडिंग का पहला उदाहरण 1997 में ब्रिटेन में एक संगीत प्रोग्राम के लिए दर्ज किया गया

भारत जैसे देश में सियासी दलों द्वारा क्राउडफंडिंग करने का प्रचलन बहुत कम है. सबसे पहले आम आदमी पार्टी ने इसे शुरू किया था लेकिन बहुत सीमित तरीके से. अब कांग्रेस ने भी कहा है कि वह पार्टी के कम होते फंड को बढ़ाने के लिए जनता के बीच जाएगी और उनसे क्राउडफंडिंग की अपील करेगी. दरअसल यूरोप और अमेरिका में तो क्राउडफंडिंग बहुत पॉपुलर और असरदार तरीका भी है. इसके जरिए अब आनलाइन तरीके से जनता से पैसा मांगा जाता है.

दरअसल क्राउडफंडिंग का इस्तेमाल उद्यम से लेकर मानवीय मदद, धर्मार्थ कामों और कई चीजों में किया जाता रहा है. दुनिया की सबसे बड़ी वेबसाइट्स में एक विकीपीडिया अपने पेजों पर कभी विज्ञापन का इस्तेमाल नहीं करती लेकिन अक्सर अपने संचालन और खर्चों की पूर्ति के लिए क्राउडफंडिंग करती है. दुनियाभर की कई संस्थाएं ये काम करत हैं और उन्हें लोग दिल खोलकर आर्थिक मदद भी करते हैं.

कुछ साल पहले जब दिल्ली में आम आदमी पार्टी की स्थापना की गई तो पार्टी कोष के लिए क्राउडफंडिंग ही की गई. हालांकि भारत में क्राउडफंडिंग कुछ व्यक्तिगत मामलों में मदद को छोड़ दें तो अब तक कमोवेश नई चीज है. पॉलिटिक्स में मोटे तौर पर इसका चलन ही नहीं है. देश में सियासी पार्टियों को कारपोरेट्स से लेकर पैसे वाले फंडिंग करते हैं. या मेंबरशिप के जरिए वो पैसा जुटाती हैं. हालांकि सियासी पार्टियों की फंडिंग के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के जरिए इलैक्शन बांड जारी किया जाता है.

भारत के सियासी जगत में क्राउडफंडिंग नई बात हो सकती है लेकिन यूरोप और अमेरिका में ये कॉमन है. (news18gfx)

क्या होती है क्राउडफंडिंग
क्राउडफंडिंग नए व्यावसायिक उद्यम या संस्थाओं को वित्तीय मदद पहुंचाने के लिए बड़ी संख्या में व्यक्तियों से छोटी-छोटी मात्रा में दी गई राशि का उपयोग है. क्राउडफंडिंग निवेशकों, उद्यमियों, सियासी दलों, संस्थाओं और अभियानों की मदद के लिए सोशल मीडिया और क्राउडफंडिंग वेबसाइट्स के माध्यम से लोगों के विशाल नेटवर्क तक आसान पहुंच बनाता है और फंड जुटाने का प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराता है. दुनियाभर में कई वेबसाइट्स तो विशेष तौर पर क्राउडफंडिंग के लिए प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराती हैं.

क्या क्राउडफंडिंग से आर्थिक मदद मिलती है
बिल्कुल ऐसा होता है. अगर लोगों को समझ में आता है कि क्राउडफंडिंग एक खास मकसद से मांगी जा रही है तो काफी बड़ी संख्या में लोग मदद करते हैं. यूरोप और अमेरिका में तो इससे कई कंपनियां,स्टार्टअप, संस्थाएं और सियासी दल सफलता के साथ बड़ा फंड जुटा लेते हैं.
यूरोप और अमेरिका में बड़े मीडिया हाउस इस तरह की क्राउडफंडिंग कर रहे हैं ताकि बगैर किसी दबाव में आए तटस्थ तरीके से पत्रकारिता कर सकें. विशेष रूप से छोटी कंपनियों और स्टार्टअप के लिए क्राउडफंडिंग बहुत काम आती है.

अमेरिका में तो सियासी लोगों के लिए ये बड़ी जरूरत
अमेरिका में राजनेताओं की सफलता काफी हद तक विभिन्न स्रोतों से प्राप्त होने वाले धन पर निर्भर करती है. हालांकि पॉलिटिकल एक्शन कमेटीज भी ्हम योगदान देती हैं. डोनाल्ड ट्रंप के 2016 के प्रेसिडेंशियल कैंपेन में 69 फीसदी राशि क्राउडफंडिंग से छोटे दानदाताओं से जुटाई गई.

पहले क्या था क्राउडफंडिंग का रूप और अब क्या
पहले अमेरिकी चुनावों में सियासी दलों के वालिंटियर लोगों से दान मांगने घर-घर जाते थे. आज, राजनेता अपने समर्थकों से दान लेने के लिए सोशल मीडिया का उपयोग करते हैं. अमेरिका के ज्यादातर सीनेटर इसी प्रकार की राजनीतिक क्राउडफंडिंग के सहारे रहते हैं. अब ये समर्थक समुदाय में मजबूत भावना पैदा करने का तरीका बन रहा है.

ये क्यों मायने रखती है
राजनीतिक क्राउडफंडिंग को व्यापक रूप से जमीनी स्तर के समर्थकों से धन जुटाने का नया और सुविधाजनक माध्यम माना जाता है. हालांकि इसके कई तरह की रणनीति का इस्तेमाल होता है और कई तरह से लोगों के पास पहुंचा जाता है.

दिलचस्प चीजों के लिए भी होती है क्राउडफंडिंग
क्राउडफंडिंग के जरिए धन जुटाने में कई बार कई दिलचस्प प्रोजेक्ट्स भी मैदान में उतरते हैं. अमेरिका में एक व्यक्ति ने नई आलू सलाद रेसिपी बनाने की कंपनी बनाने के लिए क्राउडफंडिंग की. उनका धन उगाहने का लक्ष्य 10 डॉलर (हां, केवल 10 डॉलर) का था, लेकिन 6,911 समर्थकों के जरिए उसे 55,000 डॉलर हासिल हो गए.

प्राकृतिक आपदा, भारी चिकित्सा व्यय, या घर में आग लगने जैसी घटनाओं से प्रभावित व्यक्तियों के लिए क्राउडफंडिंग प्लेटफार्म असरदार साबित हुए. हाल के बरसों में कलाकारों, लेखकों, संगीतकारों या क्रिएटिव लोगों ने आय के स्थिर स्रोत को प्राप्त करने के लिए क्राउडफंडिंग का बखूबी इस्तेमाल किया है.

पहली बार कब हुई क्राउडफंडिंग
क्राउडफंडिंग का पहला उदाहरण 1997 में दर्ज किया गया, जब यूनाइटेड किंगडम के एक संगीत समूह ने प्रशंसकों से एक संगीत कार्यक्रम के लिए धन जुटाया. आर्टिस्टशेयर पहली क्राउडफंडिंग साइट थी, जो इसके 03 साल बाद लॉन्च की गई. अब ये कंपनियों के लिए पूंजी जुटाने का एक प्रमुख स्रोत बन चुकी है.

कौन सी हैं लोकप्रिय क्राउडफंडिंग वेबसाइट्स
किकस्टार्टर , इंडिगोगो और गोफंडमी जैसी क्राउडफंडिंग वेबसाइट्स सैकड़ों हजारों लोगों को आकर्षित करती हैं. ये इस क्षेत्र की काफी विश्वसनीय साइट्स भी हैं.

Tags: Congress, Money, Political parties

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