लोकसभा में हंगामे के बीच 33 विपक्षी सांसद पूरे सत्र के लिए निलंबित, स्‍पीकर ने लिया फैसला

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नई दिल्‍ली. लोकसभा में विपक्ष के हंगामे के बीच सोमवार को स्‍पीकर ने 33 सांसदों को निलंबित कर दिया है. संसद सुरक्षा में चूक को लेकर ये सांसद हंगामा कर रहे थे, जिसे लेकर यह कड़ा कदम उठाया गया है. पूरे सत्र के लिए निलंबित हुए सांसदों में ए राजा, कल्‍याण बनर्जी और अधीर रंजन चौधरी भी शामिल हैं. शुक्रवार को लोकसभा से 13 सांसदों को हंगामे के चलते सस्‍पेंड किया गया था. इसके अलावा एक सांसद राज्‍यसभा से भी निलंबित किया गया था. तब दोनों सदनों की कार्यवाही को सोमवार तक के लिए स्‍थगित कर दिया गया था.

आज दो दिन के ब्रेक के बाद सदन की कार्यवाही एक बार फिर शुरू हुई तो उम्‍मीद थी कि काम सुचारू रूप से चलेगा लेकिन ऐसा नहीं हो सका. आज भी विपक्ष ने संसद सुरक्षा चूक मामले में हंगामा जारी रखा. बार-बार समझाने पर भी जब विपक्षी सांसद नहीं माने तो उनके खिलाफ लोकसभा स्‍पीकर ने सख्‍त कार्रवाई करने का निर्णय लिया. शुक्रवार को 13 और आज 33 मिलाकर अब तक इस मामले में कुल 46 लोकसभा सांसद पूरे सत्र के लिए निलंबित हो चुके हैं.

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निलंबित सांसदों की पूरी लिस्‍ट 
कल्याण बनर्जी, ए राजा, दयानिधि मारन, अपरूप पोदार, प्रसून बनर्जी, ईटी मोहमद बशीर, जी सेल्वल्म
अन्नादुरई, टी सुमति, अधीर रंजन चौधरी, के नावस्कमी, के रविरस्वामी, प्रेम चंद्रन, शताब्दी रॉय, सौगात रॉय, असीथ कुमार, कौशलेंद्र कुमार, एंटो एंटोनी, पल्ली मणिकम, प्रतिभा मंडल, काकोली घोष, सुनील मंडल, के मुरली धारन, अमर सिंह.

लोकसभा में हंगामे के बीच 33 विपक्षी सांसद पूरे सत्र के लिए निलंबित, स्‍पीकर ने लिया फैसला

क्‍या है विपक्ष की मांग?
विपक्षी सांसद मांग कर रहे हैं कि सदन में गृह मंत्री आएं और लोकसभा सुरक्षा चूक के संबंध में विस्‍तार में सरकार का पक्ष रखे. कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने शुक्रवार को कहा था ‘लोकसभा और राज्यसभा पिछले दो दिनों से काम नहीं कर सकी. 13 दिसंबर को संसद में सुरक्षा चूक के बाद हमने गृह मंत्री से एक बयान मांगा था. 14 और 15 दिसंबर को भारत गठबंधन के सदस्यों ने अपना पक्ष रखा. दोनों सदनों में गृह मंत्री के बयान की एक ही मांग है. हमारे सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा सभापति को लिखित रूप से मांग की है कि सदन में गृह मंत्री का बयान दिया जाए. हालांकि, सरकार ने इसे स्वीकार नहीं किया है और यही एकमात्र कारण है कि लोकसभा और राज्यसभा को 14 और 15 दिसंबर को स्थगित कर दिया गया.’

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