
जयपुर. राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी और प्रेम चंद बैरवा की नियुक्ति को एक वकील ने उच्च न्यायालय में शनिवार को जनहित याचिका दायर कर इस आधार पर चुनौती दी कि उन्हें दिलाई गई शपथ असंवैधानिक है. उन्होंने जनहित याचिका में कहा कि ऐसा कोई संवैधानिक पदनाम नहीं है और उनकी नियुक्ति रद्द की जानी चाहिए.
याचिकाकर्ता ओम प्रकाश सोलंकी ने नियुक्तियों को रद्द करने के लिए राज्य सरकार को निर्देश देने का अनुरोध करते हुए कहा, “उपमुख्यमंत्री पद असंवैधानिक है और भारत के संविधान में ऐसे किसी पद का उल्लेख नहीं है.”
शुक्रवार को शपथ ग्रहण समारोह में भजनलाल ने मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली, जबकि दीया कुमारी और प्रेम चंद बैरवा ने उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली. शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के शीर्ष नेतृत्व ने भाग लिया.
कौन हैं दीया कुमारी
राजस्थान की उपमुख्यमंत्री का पदभार संभालने वालीं दीया कुमारी राजसमंद से भाजपा की सांसद थीं और उन्हें विधानसभा चुनाव में जयपुर की विद्याधर नगर सीट से मैदान में उतारा गया था. कुमारी 2013 में सवाई माधोपुर विधानसभा सीट से पहली बार विधायक बनीं. 2019 के लोकसभा चुनाव में वह राजसमंद निर्वाचन क्षेत्र से सांसद चुनी गईं. 51 वर्षीय दीया कुमारी जयपुर के पूर्व राजपरिवार के सवाई भवानी सिंह की बेटी हैं. भवानी सिंह ने 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में 10वीं पैराशूट रेजिमेंट के पैरा कमांडो के लेफ्टिनेंट कर्नल और कमांडिंग ऑफिसर के रूप में गौरव हासिल किया था. दीया कुमारी कई स्वयंसेवी संगठनों और सामाजिक संगठनों से जुड़ी हुई हैं.
कौन हैं प्रेम चंद बैरवा
राजस्थान के दूसरे उपमुख्यमंत्री प्रेम चंद बैरवा (54) दूदू विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के विधायक हैं. उन्हें पार्टी की राजस्थान इकाई के दलित चेहरे के रूप में देखा जाता है। बैरवा राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर से पीएचडी डिग्री धारक हैं. इस विधानसभा चुनाव में उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार बाबूलाल नागर को 35,743 वोटों के अंतर से हराया है.
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Tags: BJP, Diya Kumari, Rajasthan high court
FIRST PUBLISHED : December 17, 2023, 14:23 IST





