‘फेमस होने चाहते थे…’ संसद सुरक्षा घेरा तोड़ने वाले आरोपियों को लेकर बड़ा खुलासा, टेरर एंगल से इनकार

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हाइलाइट्स

चारों आरोपियों को पटियाला हाउस कोर्ट ने 7 दिन के रिमांड पर भेजा.
मामले का मास्टरमाइंड ललित झा ने गुरुवार को सरेंडर कर दिया.

नई दिल्लीः संसद के शीतकाली सत्र के कार्यवाही के दौरान सदन में दर्शक दीर्घा से छलांग लगाने वाले सागर शर्मा और डी मनोरंजन के साथ-साथ संसद भवन के बाहर हंगामा करने वाली नीलम शर्मा और उसका सहयोगी केवल लोकप्रियता पाना चाहते थे. शीर्ष सरकारी सूत्रों ने कहा कि संसद में हंगामा करने वाले लोग पब्लिसिटी चाहते थे और इस साजिश में कोई विदेशी हाथ नहीं है. उन्होंने कहा कि जांच में आतंकी हमले की संभावना को पूरी तरह खारिज कर दिया गया है.

पिछले साल भी आरोपियों ने की थी कोशिश
सरकारी सूत्रों ने न्यूज18 इंडिया को बताया, ‘वे जानते थे कि इस तरह के हरकत से उन्हें पब्लिसिटी मिलेगी और उन्होंने वैसा ही किया. उन्होंने पिछले साल भी कोशिश की थी, लेकिन असफल रहे और इस साल वे कामयाब रहे. एजेंसियों की जांच में कुछ भी बड़ा नहीं मिला, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए उनके खतरे के लिहाज से खतरनाक हो.’ बता दें कि बीते बुधवार को सदन में शून्यकाल के दौरान दो युवक अचानक से दर्शक दीर्घा से कूद पड़े और नारेबाजी करने लगे. इसी बीच एक युवक ने अपने जूते से स्मोक क्रैकर निकाला और स्प्रे करने लगा. इसके चलते वहां मौजूद सांसदों में भगदड़ मच गई.

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सभी आरोपियों को पुलिस ने पकड़ा
हालांकि कुछ सांसदों और सुरक्षाबलों ने उन्हें पकड़ लिया.सदन में अराजकता देख तुरंत कार्यवाही स्थगित कर दी गई. दिल्ली पुलिस ने अब तक लोकसभा में सुरक्षा उल्लंघन में शामिल छह आरोपियों में से चार को गिरफ्तार कर लिया. विशाल शर्मा उर्फ ​​विक्की, जिसके घर पर आरोपी संसद पहुंचने से पहले गुरुग्राम में रुका था, अभी भी हिरासत में है. मुख्य साजिशकर्ता होने के संदेह में ललित झा ने गुरुवार को सरेंडर कर दिया. जबकि विक्की और उसकी पत्नी को हिरासत में लिया गया है.

गृह मंत्रालय ने कमिटी का किया गठन
गृह मंत्रालय (एमएचए) ने संसद सुरक्षा उल्लंघन की घटना की जांच का आदेश दिया. सीआरपीएफ के महानिदेशक अनीश दयाल सिंह के तहत एक जांच समिति गठित की गई है, जिसमें अन्य सुरक्षा एजेंसियों और विशेषज्ञों के सदस्य शामिल हैं. समिति संसद की सुरक्षा में सेंध के कारणों की जांच करेगी, खामियों की पहचान करेगी और आगे की कार्रवाई की सिफारिश करेगी. समिति जल्द से जल्द संसद में सुरक्षा में सुधार के सुझावों सहित सिफारिशों के साथ अपनी रिपोर्ट सौंपेगी.

चारों आरोपियों को पुलिस ने रिमांड पर भेजा
चारों आरोपियों को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें सात दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया. गिरफ्तार किए गए चार लोगों- सागर शर्मा (26), मनोरंजन डी (34), अमोल शिंदे (25) और नीलम देवी (37) पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धाराओं के अलावा कड़े आतंकवाद विरोधी कानून यूएपीए के तहत आरोप लगाए गए थे. गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत दंडनीय अपराध गैर-जमानती हैं.

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‘संसद पर सुनियोजित हमला’
अदालत में दलीलों की सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने चारों पर आतंकवादी कृत्य में शामिल होने का आरोप लगाया और कहा कि उन्होंने डर पैदा करने की कोशिश की. इसमें कहा गया, ‘यह संसद पर सुनियोजित हमला था.’

Tags: Delhi police, Parliament

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