मुख्तार अंसारी की किस बात पर बोला सुप्रीम कोर्ट- प्रधानमंत्री को भी उनके खुद के सुरक्षा गार्ड गोली मार चुके हैं

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के बाहुबली मुख्तार अंसारी ने सुप्रीम कोर्ट में एक बार फिर से कहा है कि यूपी की जेल में उसकी जान को खतरा है. बाहुबली मुख्तार अंसारी को यूपी के बांदा जेल से किसी दूसरे राज्य में ट्रांसफर करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में मुख्तार अंसारी के वकील ने कहा कि यूपी की जेल में उसकी जान को खतरा है और उसे कभी भी मरवाया जा सकता है. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि एक बार प्रधानमंत्री को भी उनके खुद के सुरक्षा गार्ड गोली मार चुके हैं.

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने बाहुबली मुख्तार अंसारी के वकील को अपनी याचिका में संशोधन करते हुए दोबारा याचिका दाखिल करने के लिए कहा. बता दें कि यूपी के बाहुबली मुख्तार अंसारी के बेटे उमर अंसारी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर अपने पिता को यूपी की बांदा जेल से किसी दूसरे राज्य की जेल में ट्रांसफर करने की मांग की है. उमर अंसारी का कहना है कि बांदा जेल में उनके पिता यानी मुख्तार अंसारी की जान को खतरा है.

मुख्तार अंसारी के बेटे का आरोप है कि मुख्तार को जेल में मारने की साजिश रची जा रही है. इसलिए कोर्ट यूपी से बाहर किसी गैर भाजपा शासित राज्य में ट्रांसफर करने का आदेश दे. बता दें कि मुख्तार अंसारी फिलहाल बांदा जेल में बंद है. कुछ माह पहले एमपी-एमएलए कोर्ट ने माफिया मुख्तार अंसारी को गैंगस्टर केस में दस साल की सजा सुनाई थी. कोर्ट ने आरोपी मुख्तार पर 5 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था.

Supreme Court: मुख्तार अंसारी की किस बात पर बोला SC- प्रधानमंत्री को भी उनके खुद के सुरक्षा गार्ड गोली मार चुके हैं

दरअसल, इसी मामले के दूसरे आरोपी सोनू यादव को 5 साल की सजा मिली है. कोर्ट ने उस पर दो लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया. यह मामला कपिलदेव सिंह हत्याकांड से जुड़ा है. एमपी-एमएलए कोर्ट ने 26 अक्टूबर को माफिया मुख्तार अंसारी को गैंगस्टर से जुड़े एक मामले में दोषी करार दिया था. यह मामला वर्ष 2010 का है. उस वक्त करंडा थाने में मुख्तार अंसारी के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में केस दर्ज किया गया था. मुख्तार अंसारी केस के गैंग चार्ट में शामिल था.

Tags: Mukhtar ansari, Mukhtar Ansari Case, Mukhtar Ansari News, Supreme Court

Source link

Leave a Comment