Explainer : अब तूफान कैसे लाने लगे बारिश के साथ ज्यादा तबाही, डूबो देते हैं पूरा शहर

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हाइलाइट्स

हाल के बरसों में दुनियाभर में बनने वाले तूफान कहीं ज्यादा बड़े बन रहे हैं और ज्यादा बारिश के साथ तबाही मचा रहे हैं
समुद्र का पानी ग्लोबल वार्मिंग के कारण ज्यादा गर्म हो रहा है और इस वजह से तूफान ज्यादा बन रहे हैं

चेन्नई समेत पूरे दक्षिण भारत में मिचौंग तूफान तबाही लेकर आया है. चेन्नई शहर तो ऐसा लग रहा है कि जैसे इस तूफान के साथ इफरात बारिश के पानी में डूब ही गया है. सड़कें पानी में डूबी हैं. जनजीवन अस्त-व्यस्त है. लोग आफिस नहीं जा पा रहे. एयरपोर्ट से आपरेशन बंद हो गए. इसके साथ साउथ इंडिया के कई राज्यों में भी इस तूफान के कारण बड़े नुकसान की आशंका से लोग डरे हुए हैं. आखिर वो कौन सी बात है जिसमें तूफान खतरनाक भी होते हैं. तबाही लाते हैं और अथाह पानी बटोरकर किसी भी बड़े इलाके में त्राहि-त्राहि मचा देते हैं.

हम यहां साइक्लोन यानि चक्रवात के बारे में जानेंगे. ये कैसे बनते हैं. कैसे आगे बढ़ते हैं. इनकी ताकत कितनी होती है और कैसे हवा और बारिश के साथ बवंडर रचते हैं.

सवाल – चक्रवात यानि साइक्लोन कैसे अपने साथ जबरदस्त बारिश लेकर आते हैं?
– दरअसल चक्रवात किसी जगह पर बहुत कम दबाव की स्थिति में बनते हैं और ऐसे में बड़े क्षेत्र से हवा खींचना शुरू कर देते हैं. जब हवा निम्न दबाव केंद्र में इकट्ठी हो जाती है तो ऊपर उठने लगती है. जो हवा इसमें इकट्ठी होती है, उसमें बड़ी मात्रा में नमी होती है. ये ऊपर जाकर बारिश वाले बादल में बदलते हैं और तूफान के साथ चल पड़ते हैं. ये बादल इतनी बड़ी संख्या में होते हैं कि सैकड़ों हाथियों के वजन के बराबर बारिश साथ लेकर चलते हैं. जब तूफान कहीं टकराता है तो फिर उस इलाके में जबरदस्त आंधी के साथ बारिश शुरू हो जाती है. चूंकि एक तूफान बहुत बड़े क्षेत्र से हवा खींचता है, लिहाजा उसका प्रभाव भी काफी बड़े एरिया तक होता है.

चक्रवाती वर्षा तब होती है जब गर्म नम हवा ठंडी शुष्क हवा के संपर्क में आती है. पानी के ऊपर की हवा गर्म होकर ऊपर उठती है जिससे कम दबाव का क्षेत्र बनता है.

पृथ्वी अपनी धुरी पर लट्टू की तरह घूमती रहती है. इस वजह से यह हवा सीधी दिशा में ना आकर घूमने लगती है और चक्कर लगाती हुई उस जगह की ओर आगे बढ़ती है. इसे चक्रवात कहते हैं.

Cyclone Michaung Severe Rain in Tamil Nadu coastal districts

चक्रवात मिचौंग से मूसलाधार बारिश हो रही है. (Image:PTI)

सवाल – तूफान के साथ अक्सर मूसलाधार बारिश क्यों होती है?
– जब तूफान बहुत तेज गति के साथ कहीं जमीन से टकराता है तो बादल खुद को संभाल नहीं पाते, लिहाजा भारी भरकम पानी की मात्रा के साथ बरसना शुरू कर देते हैं. इस बारिश की गति भी बहुत तेज होती है, इसी वजह से तूफान के साथ अमूमन मूसलाधार बारिश होती है.

सवाल – चक्रवात अपने साथ कई और खतरे भी पैदा करते हैं, वो क्या होते हैं?
– चक्रवात का मुख्य चरित्र तेज़ हवाएं, तट के करीब समुद्र का स्तर असामान्य रूप से ऊँचा होना, निचले इलाकों का जलमग्न होना और तेज हवा पानी के साथ पेड़ों और मकानों का नष्ट होना शामिल होता है. निचले तटीय इलाकों में पानी अंदर घुसकर बस्तियों को तबाह कर देता है. अपने सामने आने वाली किसी चीज को उखाड़ता जाता है, जिससे जान-माल का गंभीर नुकसान होता है.
चक्रवात की हवाएं समुद्र के स्तर को सामान्य ज्वार के स्तर से कई मीटर ऊपर उठा सकती हैं. इससे तटीय बाढ़, गंभीर बाढ़ का खतरा भी पैदा हो जाता है, जो हम चेन्नई और दक्षिण भारत के कई इलाकों में देख रहे हैं.

Chennai and many other districts of Tamil Nadu will see intense rain on Thursday. (File image/PTI)

तूफान के चलते चेन्नई में भारी बारिश.

सवाल – पहले तूफान अपने साथ इतनी बारिश नहीं लाते थे लेकिन अब पूरी दुनिया में कैसे ऐसा होने लगा है?
– हाल के बरसों में अमेरिका से लेकर एशिया में ऐसे तूफान आ रहे हैं. जो विनाशकारी बन रहे हैं. प्रिंसटन के शोधकर्ताओं का एक नया विश्लेषण बताता है कि ग्लोबल वार्मिंग के साथ यह प्रवृत्ति जारी रहने की आशंका बनी रहेगी. गर्म हवा में उच्च नमी की मात्रा और तूफान की बढ़ती हवा की गति ज्यादा बारिश वाली तबाही लाते हैं.

सवाल – क्या अब भविष्य में आने वाले तूफान बारिश के हिसाब से ज्यादा खतरनाक होते जाएंगे? 
– वैज्ञानिक अध्ययन तो यही कहते हैं. प्रिंसटन यूनिवर्सिटी के एनवायरमेंट डिपार्टमेंट (https://environment.princeton.edu/) का अध्ययन कहता है समुद्र की सतह के बढ़ते तापमान से बढ़ती नमी के कारण तूफान में बारिश की तीव्रता उम्मीद से दोगुनी तेजी से बढ़ेगी. तापमान बढ़ने के साथ उष्णकटिबंधीय तूफानी हवाएं मजबूत होंगी. अध्ययन बताते हैं कि तेज हवाओं वाले तूफानों से वर्षा की दर भी अधिक हो जाती है. हाल के बरसों में उष्णकटिबंधीय चक्रवातों के साथ आई भारी बारिश ने तूफान के रास्ते में आने वाले क्षेत्रों में विनाशकारी बाढ़ लाई है. खासकर समुद्र तटीय शहरों में.

सवाल – तो क्या ये सही है कि ग्लोबल वार्मिंग की वजह से जब समुद्र का पानी गर्म होगा तो तूफान ज्यादा आने लगेंगे?
– बिल्कुल ये बात सही है. ग्लोबल वार्मिंग की वजह से समुद्र का पानी गर्म हो रहा है. अरब सागर का पानी मार्च से अब तक 1.2 सेंटीग्रेड गर्म हो चुका है. ग्लोबल वार्मिंग की वजह से समुद्र गर्म पूल में बदल रहा है. इससे पूरी दुनिया में तूफ़ान की संख्या बढ़ रही है.

Tags: Chennai, Chennai floods, Chennai Rains, Cyclone, Cyclone updates

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