
Indian Army Recruitment: क्या सिर्फ आपके ‘गंदे दांतों’ की वजह से आपको भारतीय सेना या अर्धसैनिक बलों की भर्ती के लिए अयोग्य ठहराया जा सकता है? आवश्यक प्रतिभा और हष्ट पुष्ट शरीर होने के बावजूद क्या आपको सिर्फ गंदे दांतों की वजह से रिजेक्ट किया जा सकता है? क्या भारतीय सेना या अर्धसैनिक बलों में भर्ती से पहले दांतों की जांच भी की जाती है? सेना की भर्ती से जुड़े इन तमाम सवालों का सच क्या है और भारतीय सेना की भर्ती से जुड़े नियम इन सवालों को लेकर क्या कहते हैं, आज हम आपको सिलसिलेवार तरीके से बताएंगे.
हां यह सच है कि भारतीय सेना और सभी अर्धसैनिक बलों की भर्ती के दौरान आवेदकों के दांतों की जांच की जाती है. भर्ती प्रक्रिया के दौरान यह भी देखा जाता है कि आवेदक के दांत स्वस्थ्य हैं या नहीं. लेकिन, सिर्फ दांत गंदे होने की वजह से आपको रिजक्ट कर दिया जाएगा, यह बात सिरे से गलत है. दरअसल, सेना या अर्धसैनिकबलों में भर्ती होने वाले जवानों के दांत कैसे हों, इसको लेकर पूरी एक नियमावली है. इस नियमावली के अनुसार, प्रत्येक आवेदन को जांच में कुछ डेंटल प्वाइंट हासिल करने होते हैं. आवश्यक डेंटल प्वाइंट हासिल करने वाले आवेदकों की ही सेना या अर्धसैनिक बलों में भर्ती की जाती है.
कैसे होती है डेंटल प्वाइंट की गणना
किसी भी मनुष्य के शरीर में चार तरह के दांत होते हैं. इनसाइजर्स, कैनाइन्स, प्रीमोलर्स और मोलर्स. इनसाइजर्स सबसे आगे के दांत होते हैं, जिनका इस्तेमाल भोजन को काटने के लिए किया जाते है. कैनाइन्स का इस्तेमाल भोजन को अलग-अलग टुकड़ों में करने के लिए होता है. प्रीमोलर्स और मोलर्स दांत खाने को चबाने में मदद करते हैं. भर्ती मैनुअल में इनसाइजर्स, कैनाइन्स और प्रीमोलर्स के लिए एक-एक डेंटल प्वाइंट निर्धारित है और प्रत्येक मोलर्स दांतों के लिए दो डेंटल प्वाइंट निर्धारित हैं. यह डेंटल प्वाइंट दांतों की सेहत के अनुसार, भर्ती होने वाले जवानों को आवंटित किए जाते हैं.
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भर्ती के लिए चाहिए कितने डेंटल प्वाइंट
भर्ती मैनुअल में इनसाइजर्स दांतों के लिए 4, कैनाइन्स के लिए 2, प्रीमोलर्स के लिए 4 और मोलर्स के 12 प्वाइंट निर्धारित हैं. इस तरह से अधिकतम डेंटल प्वाइंट की संख्या 22 है. सेना या अर्धसैनिक बल में भर्ती होने वाले प्रत्येक जवान के लिए 22 डेंटल प्वाइंट में से 14 डेंटल प्वाइंट हासिल करना अनिवार्य है. हां, यदि किसी भी आवेदक के चबाने वाले दांत कृत्रिम हैं तो उस आवेदक को अयोग्य माना जाएगा. इसके अलावा, यदि तीसरी दाढ़ अच्छी तरह से विकसित नहीं है तो इसको सिर्फ एक प्वाइंट ही दिया जाएगा.
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जवानों को क्यों चाहिए स्वस्थ्य दांत
भर्ती प्रक्रिया से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, भोजन का पाचन तभी अच्छा होगा, जब उसे अच्छी तरह से चबाया गया हो. भोजन को अच्छी तरह से चबाने के लिए जवानों के पास स्वस्थ्य दांतों का होना अनिवार्य है. यदि किसी जवान के दांत स्वस्थ्य नहीं होंगे तो वह न ही अच्छे से भोजन चबा पाएगा और न ही उसका पाचन ठीक होगा. ऐसी स्थिति में उसे पेट से संबंधित कोई न कोई बीमारी बनी रहेगी. जिसके चलते, वह अपनी ड्यूटी को दक्षता और एकाग्रता के साथ नहीं कर पाएगा.
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FIRST PUBLISHED : December 5, 2023, 10:31 IST





