
भोपालः मध्य प्रदेश के 240 विधानसभा सीटों पर हुए चुनाव के नतीजे 3 दिसंबर को आएंगे. हालांकि उससे पहले अन्य टीवी चैनलों और एजेंसियों के एग्जिट पोल ने राज्य में बीजेपी की वापसी की सुगबुगाहट तेज कर दी है. इस बार के एग्जिट पोल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी, सीएम शिवराज सिंह चौहान की लाडली बेटी योजना और ज्योतिरादित्य सिंधिया का फैक्टर साफ नजर आ रहा है. अगर 3 दिसंबर को बीजेपी एमपी में चुनाव जीतती है तो ये तीन फैक्टर अहम होंगे. इसमें सबसे ज्यादा असर ज्योतिरादित्य सिंधिया का माना जा रहा है. क्योंकि कांग्रेस से बीजेपी में सिंधिया के आने के बाद बीजेपी उन 41 सीटों पर मजबूत हुई हैं, जहां सिंधिया का प्रभाव अच्छा-खासा माना जाता है.
इन सीटों पर सिंधिया का प्रभाव
मध्य प्रदेश के श्योपुर, विजयपुर, सबलगढ़, जौरा, सुमावली, मुरैना, दिमनी, अम्बाह, अटेर, भिंड, लहार, मेहगांव, गोहद, ग्वालियर देहात, ग्वालियर, ग्वालियर पूर्व, ग्वालियर दक्षिण, भितरवार, डबरा, सेंवढ़ा, भांडेर, दतिया, करैरा, पोहरी, शिवपुरी, पिछोर, कोलारस, बमोरी, गुना, चाचौड़ा, राघोगढ़, अशोक नगर, चंदेरी और मुंगावली पर ज्योतिरादित्य सिंधिया का तगड़ा प्रभाव है.
2018 के विधानसभा चुनाव में सबसे ज्यादा सीट पर कांग्रेस
2018 में मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव में सबसे ज्यादा सीटों पर कांग्रेस ने जीत हासिल की थी, ऐसा तब हुआ था जब सिंधिया कांग्रेस में थे. श्योपुर से कांग्रेस. विजयपुर से बीजेपी. सबलगढ़ से कांग्रेस. जौरा, मुरैना, दिमनी और अम्बाह से कांग्रेस ने जीत हासिल की थी. अटेर से बीजेपी. भिंड से बीएसपी. लहार, मेहगांव, गोहद से कांग्रेस. ग्वालियर देहात से बीजेपी. ग्वालियर, ग्वालियर पूर्व, ग्वालियर दक्षिण, भितरवार, डबरा, सेंवढ़ा, भांडेर से कांग्रेस. दतिया से बीजेपी. करैरा, पोहरी से कांग्रेस. शिवपुरी, कोलारस, गुना से बीजेपी. शिवपुरी, पिछोर, बमोरी, चाचौड़ा, राघोगढ़, अशोक नगर, चंदेरी और मुंगावली से कांग्रेस ने जीत हासिल की थी.

बता दें कि मध्य प्रदेश में 17 नवंबर को 230 विधानसभा सीटों पर 77.15 फीसदी मतदान हुआ था. जबकि साल 2018 के विधानसभा चुनाव में इससे 1.52 फीसदी मतदान कम हुआ था. इस बार 78.21 फीसदी पुरुष मतदाता, जबकि 76.03 फीसदी महिलाओं ने मतदान किया.
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Tags: Jyotiraditya Scindia, Madhya Pradesh Assembly Elections 2023
FIRST PUBLISHED : December 3, 2023, 10:29 IST





