सरकार को कमजोर का पक्ष लेना चाहिए… क्यों बोले CJI चंद्रचूड़? कहा- अल्पसंख्यकों को भी…

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) डी.वाई. चंद्रचूड़ ने शनिवार को कहा कि लोकतंत्र में सभी नागरिकों को स्वतंत्र महसूस कराने के लिए सरकार को कमजोर आबादी का पक्ष लेना चाहिए, जो संख्यात्मक या सामाजिक अल्पसंख्यक हो सकती है. सीजेआई चंद्रचूड़ ने कहा कि लोकतंत्र में लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए अलग-अलग राय और नागरिक समाज संगठनों के बीच निरंतर बातचीत की जरूरत होती है.

CJI डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि लोकतंत्र की सुंदरता नैतिक भावना में है. लोकतंत्र में बहुमत का अपना रास्ता होगा, लेकिन अल्पसंख्यकों को भी अपनी बात कहने का हक मिलना चाहिए. सीजेआई ने कहा कि लोकतंत्र इस मान्यता पर आधारित है कि अधिकार का कोई ऐसा प्राकृतिक स्रोत नहीं है, जो व्यक्तियों पर शक्ति का प्रयोग कर सके, इसलिए लोग स्वतंत्र हैं और समान अधिकार रखते हैं.

चीफ जस्टिस ने आगे कहा, केवल इसलिए कि एक निकाय निर्वाचित हो जाता है, यह सुनिश्चित नहीं करता है कि यह उन लोगों के सर्वोत्तम हित में कार्य करता है, जिन पर यह शासन करता है.

यह भी पढ़ें:  इधर फैसला टाइप करा रहे थे CJI चंद्रचूड़, उधर बतियाने लगे SG मेहता-सिंघवी, नजर पड़ी तो…

लोकतंत्र अभी भी अस्त-व्यस्त पर..
सीजेआई चंद्रचूड़ ने वन अनुसंधान संस्थान (देहरादून) में जस्टिस केशव चंद्र धूलिया मेमोरियल एस्से कंपटीशन कार्यक्रम में कहा, ”लोकतंत्र अभी भी अस्त-व्यस्त और अपूर्ण है, लेकिन इसमें न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के सिद्धांत अंतर्निहित हैं.”

सरकार को कमजोर का पक्ष लेना चाहिए... क्यों बोले CJI चंद्रचूड़? कहा- अल्पसंख्यकों को भी...

उन्होंने आगे कहा कि सहभागी लोकतंत्र में बस एक ऐसा लोकतंत्र शामिल है, जो विचार-विमर्श को बढ़ावा देता है. यदि कोई लोकतंत्र अपने सभी लोगों की जरूरतों के बारे में चर्चा की रक्षा नहीं कर सकता तो यह अपने वादे से पीछे है.

Tags: DY Chandrachud, Justice DY Chandrachud, Supreme Court, Supreme court of india

Source link

Leave a Comment