इस शख्स की जुबान पर है सारे शहीद जवानों की कहानी, शौर्य चक्र विजेता पूर्व सैन्य अधिकारी भी हुए कायल, बोले- मेरा शैल्यूट…

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नई दिल्लीः देश के जवानों में देशभक्ति का जज्बा आम बात है. लेकिन किसी आम इंसान के अंदर देश के प्रति और शहीद जवानों को लेकर इस कदर जोश और जज्बा कि अपने घर पर संग्रहालय तैयार करना, ये एक अद्भुत कहानी है. सरदार वल्लभ भाई राष्ट्रीय प्रोद्योगिकी संस्थान के सिक्योरिटी गार्ड जितेंद्र सिंह की इस देशभक्ति के पूर्व सैन्य अधिकारी शौर्य चक्र विजेता मेजर पवन कुमार भी कायल हो गए हैं. उन्होंने जितेंद्र सिंह का एक वीडियो भी अपने सोशल मीडिया अकाउंट से शेयर किया है.

जितेंद्र सिंह ने अपने घर की छत पर प्रथम विश्व युद्ध से लेकर अब तक देश के शहीद हुए जवानों से जुड़ी हर एक जानकारी रखी हुई है. शहीद जवानों के घर का पता और परिवार से जुड़ी जानकारी भी उनके पास है. प्रथम विश्व युद्ध प्रथम विश्व युद्ध से लेकर अब तक के भारतीय सेना व अन्य सशस्त्र बलों के 2 लाख 7 हजार जवानों की जानकारी जुटाकर जितेंद्र ने खुद का एक निजी संग्रहालय तैयार किया है.

संग्रहालय में 18,365 जवानों की तस्वीर है. जितेंद्र सिंह कारगिल युद्ध से लेकर अब तक के शहीद जवानों के परिजनों को पत्र लिख चुके हैं. उन्होंने वीडियो में बताया कि वो 10 हजार शहीद जवानों के परिजनों के संपर्क में हैं. जितेंद्र ने बताया कि 1914 से लेकर 1919 तक चल प्रथम विश्व युद्ध में शहीद 75 हजार जवानों का डिटेल उनके पास है. वहीं दूसरे विश्व युद्ध में 1939 से 1942 में शहीद हुए 80 हजार जवानों की डिटेल है. इसके अलावा शहीद जवानों के माता-पिता के चरणों की मिट्टी भी संग्रहित रखा है.

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जितेंद्र ने अपने संग्रहालय में क्रांतिकारी सुखदेव, भगत सिंह, राजगुरु की प्रतिमा भी रखी है. वर्ल्ड वॉर की कुछ तस्वीरें भी हैं. जितेंद्र ने शहीद जवानों की याद में प्रतीकात्मक तौर पर बोफोर्स तोप भी तैयार किया है. 1999 के कारगिल में शहीद 527 जवानों की तस्वीर भी रखा है. उन्होंने बताया कि एक समाचार पत्र में शहीद जवान के पिता की बात पढ़कर उनके अंदर देशभक्ति का जज्बा दिखा और उन्होंने संग्रहालय तैयार करने का फैसला किया. 1962, 1965 और 1971 के युद्ध के शहीद जवानों की रेजिमेंट वाइज डिटेल भी उन्होंने रखा हुआ है. जितेंद्र ने बताया कि वो एक शहीद हॉल बनाना चाहता हूं.

Tags: India Pakistan war 1965, Indo-Pak War 1971, World WAR 2

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