
नई दिल्लीः भारत-कनाडा विवाद का कारण बने खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने बड़ा कदम उठाते हुए कश्मीर में आतंकवादी समूहों के साथ गठबंधन करते हुए नए मोर्चे का ऐलान किया है. खुद को कश्मीर-खालिस्तान रेफरेंडम फ्रंट का प्रवक्ता बताते हुए सिख फॉर जस्टिस प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू ने कहा कि गुरुवार को भारतीय सैनिकों पर घात लगाकर किया गया हमला ‘कश्मीरियों के खिलाफ भारत की हिंसा का परिणाम’ था.
उसने बयान जारी करते हुए कहा, ‘जम्मू-कश्मीर एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त विवादित क्षेत्र है, जहां भारत की सेना दशकों से नरसंहार कर रही है. आज भारतीय सेना को कश्मीरी स्वतंत्रता सेनानियों के हाथों हताहत होना पड़ा क्योंकि हिंसा हमेशा हिंसा को जन्म देती है.’ बता दें कि जम्मू-कश्मीर के राजौरी सेक्टर में गुरुवार को दो सैन्य वाहनों पर हुए आतंकवादी हमले में कम से कम चार जवान शहीद हो गए और तीन जवान घायल हो गए.
बता दें कि सिख फॉर जस्टिस पर प्रतिबंध लगाए जाने के एक साल बाद 2020 में गृह मंत्रालय ने पन्नू को आतंकवादियों की लिस्ट में शामिल किया था. पन्नू ने कहा, ‘जम्मू कश्मीर के क्षेत्रीय विवाद का एकमात्र शांतिपूर्ण समाधान जनमत संग्रह कराना है.’ पन्नू ने कहा, ‘जिस तरह सिख फॉर जस्टिस भारत संघ के साथ पंजाब के जुड़ाव को चुनौती देने के लिए खालिस्तान जनमत संग्रह आयोजित कर रहा है, उसी तरह मैं कश्मीरी स्वतंत्रता सेनानियों से कश्मीर स्वतंत्रता जनमत संग्रह आयोजित करने का आग्रह करता हूं.’
शीर्ष खुफिया सूत्रों ने सीएनएन-न्यूज18 को बताया कि पन्नू की घोषणा पाकिस्तान के घोषित आतंकवादी समूहों के साथ उसके संबंध को स्पष्ट करती है, जो भारतीय सैनिकों को निशाना बना रहे है. सूत्रों ने कहा, “पहले, आईएसआई तक उसकी पहुंच के बारे में केवल इनपुट उपलब्ध थे, लेकिन अब, उसके बयान से उसके जुड़ाव का स्पष्ट पता चलता है.”

अपने नए भाषण में पन्नू ने पूछा कि क्या पीएम मोदी, विदेश मंत्री एस जयशंकर और एनएसए अजीत डोभाल के पास “24/7 सिक्योरिटी कवर है. पन्नू ने धमकी दी कि उन्हें “परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहना चाहिए” और कनाडा में खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की भारत द्वारा “पहली गोली” से हत्या का उल्लेख किया. निज्जर की हत्या के 180 दिन पूरे होने पर, पन्नू ने वैंकूवर में खालिस्तानी समर्थकों द्वारा हिंसा के प्रदर्शन के बारे में दावा किया.
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Tags: Khalistani terrorist, Pakistan news
FIRST PUBLISHED : December 22, 2023, 14:38 IST





