मुस्लिम युवक ने हिंदू ‘भाई’ की चिता को दी मुखाग्नि, धार्मिक सौहार्द देखने उमड़ी भीड़

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

देश और दुनिया में धार्मिक आधार पर फैली नफरत के बीच कुछ ऐसी घटनाएं देखने को मिलती है जिससे एक उम्मीद बंधती है. एक ऐसी उम्मीद जिसमें हम भरोसा करते हैं कि एक दिन जरूर मानवता की जीत होगी. आज एक ऐसी ही कहानी की चर्चा करते हैं. जहां दो मुस्लिम लोग अपने हिंदी ‘भाई’ की चिता को मुखाग्नि दी है. यह घटना देश के दक्षिणी राज्य केरल की है. इस घटना के दृश्य को देखकर पूरी दुनिया का दिल फसीज गया है.

दरअसल, केरल के पलक्कड़ जिले के वितानासेरी गांव में 52 वर्षीय राजन का निधन हो गया. इसके बाद राजन की चिता को मुखाग्नि अलीमोन और मोहम्मद रिशान दी. इस मौके पर पूरे गांव के लोग इकट्ठा हुए. सभी लोग अपनी धार्मिक बंधनों को तोड़कर राजन के अंतिम संस्कार में शामिल हुए. चिता के चलने के साथ-साथ इलाके में भाईचारे और मोहब्बत की रोशनी फैलती जा रही थी.

इस पूरी कहानी की शुरुआत करीब चार दशक पहले हुई थी. गरीबी की मार झेल रहे करीब 10-12 साल के एक बच्चा राजन एक दिन उस वक्त गांव नन्नामुक्कू के पंचायत सदस्य रहे कन्नूमपथ वलाप्पील मोहम्मद से खाना खाने के लिए पैसे मांगने जाता है. तभी मोहम्मद को लगता है कि राजन के पास रहने के लिए घर भी नहीं है. उसका कोई अपना नहीं है. फिर उन्होंने राजन को अपने घर में रखा. उसका पालन-पोषण अपने बेटे जैसे किया. वह मोहम्मद परिवार का सदस्य बन गया.

muslim man and his nephew funeral pyre of hindu brother rajan in kerala

राजन के निधन पर शोकाकुल मोहम्मद परिवार.

राजन का निधन
कुछ दिनों बाद मोहम्मद का निधन हो गया. बावजूद इसके राजन मोहम्मद के बेटे अलीमोन के साथ उसी घर में रहने लगा. बचपन में ही अपने माता-पिता को खोने वाले राजन का भी इस दुनिया में कोई नहीं बचा था. उसका अपने मूल जन्म स्थान विथानासेरी से नाता टूट चुका था.

बीते सोमवार को राजन को सीने में दर्द हुआ. फिर उनके अस्पताल ले जाया गया. लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सकता और उनका निधन हो गया. इसके बाद अलीमोन ने अपने भाई की अंतिम यात्रा उनकी धार्मिक मान्यता के अनुसार निकालने की योजना बनाई. राजन का शव घर लाया गया और उसे बरामदे में एक चटाई पर लेटा दिया गया. फिर दो स्थानीय हिंदू लोग ए सुरेंद्रन और एमएस कुंजुन्नी के मार्गदर्शन में राजन का अंतिम संस्कार किया गया. अंतिम संस्कार की हिंदू परंपरा के अनुसार फूल, चंदन, चावल आदि हर चीज की व्यवस्था की गई. इस मौके पर आसपास के सभी लोगों ने राजन को अपनी श्रद्धांजलि दी.

फिर शव को श्मशान घाट ले जाया गया. राजन के शव को अलिमोन और उनके भतीजे मोहम्मद रिशान ने कंधा दिया. राजन की चिता सजाई गई और उसे मुखाग्नि भी अलिमोन और रिशान ने दी. यह घटना पूरे इलाके में भाईचारे की मिशाल बन गई है.

Tags: Kerala

Source link

Leave a Comment