
साहित्य अकादमी अगले वर्ष अपनी स्थापना के 70 वर्ष पूरे करने जा रहा है. इस उपलक्ष में 11 से 17 मार्च तक साहित्योत्व का आयोजन किया जाएगा. सबसे बड़ी बात ये है कि इस साहित्योत्सव में 150 भाषाओं के साहित्यकार और कलाकार शिरकत करेंगे. इस अवसर पर संवत्सर व्याख्यान भी आयोजित किया जाएगा. इस व्याख्यान में प्रसिद्ध गीतकार, लेखक और फिल्म निर्देशक गुलज़ार व्याख्यान देंगे.
साहित्य अकादमी के सचिव डॉ. के. श्रीनिवासराव ने बताया कि 12 मार्च, 2024 को साहित्य अकादमी अपना 70वां स्थापना दिवस मनाएगा. इस दिन ही साहित्य अकादमी पुरस्कार 2023 प्रदान किए जाएंगे. पुरस्कार में एक लाख रुपए की राशि, प्रतीक चिह्न और शाल आदि से लेखक को सम्मानित किया जाएगा.
उन्होंने बताया कि इस बार साहित्योत्सव 11 से 17 मार्च तक चलेगा और प्रख्यात फिल्म निर्देशक, लेखक तथा गीतकार गुलज़ार संवत्सर व्याख्यान देंगे. उन्होंने बताया कि इस बार साहित्योत्सव में 150 भाषाओं के लेखक शामिल होंगे और यह दुनिया का सबसे बड़ा साहित्य महोत्सव होगा. उन्होंने बताया कि अभी तक साहित्य का ऐसा कोई भी आयोजन नहीं हुआ है जिसमें इतनी अधिक भाषाओं को शामिल किया गया हो. 150 भाषाओं के 150 सत्र आयोजित किए जाएंगे. इसमें देश-दुनिया के लेखक और कलाकार शिरकत करेंगे.
अकादमी के सचिव ने बताया कि साहित्य अकादमी के वार्षिक व्याख्यान को संवत्सर व्याख्यान के रूप में जाना जाता है. इसमें एक प्रतिष्ठित लेखक और एक रचनात्मक विचारक किसी विषय विशेष पर अपने विचार व्यक्त करते हैं. इस बार संवत्सर व्याख्यान के लिए प्रसिद्ध गीतकार गुलज़ार को आमंत्रित किया गया है.
पहला संवत्सर व्याख्यान अज्ञेय ने दिया
साहित्य अकादमी के पहले संवत्सर व्याख्यान में प्रसिद्ध साहित्यकार सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन ‘अज्ञेय’ को आमंत्रित किया गया था. यह व्याख्यान 12 मार्च, 1986 को आयोजित किया गया था. उन्होंने स्मृति के परिदृश्य विषय पर अपने विचार व्यक्त किए थे.
आखिर क्यों नहीं मिलता दलित और मुस्लिम लेखकों को साहित्य अकादमी पुरस्कार!
संवत्सर व्याख्यानों में प्रो. उमाशंकर जोशी, विद्यानिवास मिश्र, डॉ. सीताकांत महापात्रा, निर्मल वर्मा, निरंजन भगत, विजय तेंदुलकर, यू. आर. अनंतमूर्ति, अमिताभ घोष, डॉ. कर्ण सिंह, डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम, भालचंद्र नेमाडे, आशीष नंदी, चंद्रशेखर शंकर धर्माधिकारी, रामचंद्र गुहा, गोपीचंद नारंग और प्रणब मुखर्जी जैसे दिग्गज अपने विचार व्यक्त कर चुके हैं.
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FIRST PUBLISHED : December 20, 2023, 19:32 IST





