accused misleading police eye on electronic evidence searching characters behind the scenes- पुलिस को बरगला रहे आरोपी, इलेक्ट्रॉनिक सबूतों पर टिकी निगाह, पर्दे के पीछे के किरदारों की तलाश – News18 हिंदी

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नई दिल्ली. लोकसभा में स्मोक क्रैकर के साथ कूदने के मामले में दिल्ली पुलिस की जांच अब काफी हद तक तकनीकी और इलेक्ट्रॉनिक सबूतों पर टिक गई है. जहां एक तरफ पुलिस सभी आरोपियों की सीडीआर यानी कॉल डेटा रिकॉर्ड खंगाल रही है, वहीं दूसरी तरफ अब पुलिस ने विजय चौक और संसद के आसपास का डंप डेटा भी इकट्ठा किया है. आरोपियों के बयानों में जो विरोधाभास सामने आ रहे हैं, उसके लिए इंडिया गेट से लेकर संसद तक की सीसीटीवी फुटेज देखी जा रही है. इसके साथ ही पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस वारदात में केवल यही 5 लोग एक साथ थे या फिर इनके आसपास या साथ मे कोई और भी था. जो अभी तक पर्दे के पीछे है.

इस पूरे मामले की तह तक जाने के लिए पुलिस ने गुरुग्राम के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले हैं, जहां ये लोग विक्की के घर गए थे. अब तक कि पूछताछ में आरोपियों ने कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं दिया है. आरोपी अभी भी लगातार पुलिस को यही बता रहे हैं कि उनके पीछे और कोई नहीं है. ये लोग महंगाई, बेरोजगारी, मणिपुर हिंसा में सरकार की चुप्पी जैसे मुद्दों को उठाना चाहते थे. लेकिन इस बात को लेकर सभी आरोपी कुछ साफ नहीं बता पाए कि बेरोजगारी का मुद्दा उठाने वाला सागर केवल 12वीं तक पढ़ा है. जबकि मनोरंजन ने एक नौकरी छोड़ी थी और महंगाई का मुद्दा उठाने के लिए ये लोग पूरे एक साल तक तैयारी कर रहे थे.

पुलिस के मुताबिक दूसरी तरफ जब इनकी योजना संसद में घुसने को लेकर हुई, तब तक मणिपुर की घटना ही नहीं हुई थी. ऐसे में पुलिस इनकी किसी भी बात पर भरोसा नहीं कर रही है. इससे पहले पुलिस ने गुरुवार को कहा था कि लोकसभा की सुरक्षा में सेंध लगाने की घटना के दो आरोपी 1929 के दौरान भारत में ब्रिटिश शासन के समय क्रांतिकारी भगत सिंह द्वारा ‘सेंट्रल असेंबली’ के अंदर बम फेंके जाने जैसी घटना को दोहराना चाहते थे. इस बारे में एक पुलिस अधिकारी ने बताया था कि आरोपियों के कब्जे से एक पर्चा बरामद किया गया.

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पुलिस के मुताबिक आरोपियों के जूते विशेष रूप से डिजाइन किए गए थे और धुएं के ‘केन’ को छिपाने के लिए जगह बनाई गई थी. एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि इन ‘केन’ को सागर शर्मा ने लखनऊ से खरीदा था. पुलिस ने कहा कि आरोपियों ने संसद में पर्चे फेंकने की योजना बनाई थी. इसने कहा कि उन्होंने तिरंगे भी खरीदे थे. सूत्रों ने बताया कि आरोपियों के पास से कुछ और पर्चे बरामद किए गए, जिनमें युवाओं को सरकार के खिलाफ भड़काने वाले नारे थे. गौरतलब है कि आरोपी सागर शर्मा और मनोरंजन शून्यकाल के दौरान दर्शक दीर्घा से लोकसभा कक्ष में कूदे और उन्होंने ‘केन’ से पीली गैस उड़ाते हुए नारेबाजी की. लगभग उसी समय संसद भवन के बाहर अमोल शिंदे और नीलम ने केन से लाल और पीले रंग का धुआं फैलाते हुए ‘तानाशाही नहीं चलेगी’ आदि नारे लगाए.

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