‘मेरी बेटी ने जो किया, वो मजबूरी में किया…’ संसद सुरक्षा तोड़ने वाले आरोपियों के परिजनों का छलका दर्द

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हाइलाइट्स

आरोपी सागर की मां ने कहा कि हमारा बेटा भगत सिंह का बहुत बड़ा भक्त है. वह भगत सिंह की बात करता रहता था
आरोपी नीलम आजाद की मां ने कहा कि उनकी बेटी ने जो भी किया वह मजबूरी में किया.

नई दिल्लीः देश की संसद की सुरक्षा में सेंध लगाने वाले सागर शर्मा के माता-पिता इस घटना से बहुत दुखी हैं. एक तरफ जहां सागर की मां अपने बेटे को बेकसूर बता रही है तो वहीं दूसरी तरफ उसके पिता ने कहा कि उसने हमें शर्मसार कर दिया है. वहीं संसद के बाहर हंगामा करने वालों में शामिल नीलम की मां का भी अपने बेटी की इस करतूत को लेकर दर्द छलका है. बता दें कि अभी तक कुल 6 आरोपित पकड़े गए हैं, जिनमें से 4 को गिरफ्तार किया गया है. वहीं दो लोगों को हिरासत में लिया गया है. जबकि एक युवक फिलहाल फरार चल रहा है.

रोते हुए सागर की मां ने कहा, ‘मेरा बच्चा निर्दोष है उसे फंसाया गया है. वह तो सिर्फ रिक्शा चलाता है. किसी ने तो फंसाया है. यह हम नहीं जानते कि उसे किसने फंसाया है. मेरा एक ही बेटा है. वही मेरा सहारा है. मेरा बेटा फंसाया जा रहा है, वह निर्दोष है. यह कैसे हो सकता है. किसी ने उसके दिमाग में गलत बात भर दिया है. वहीं सागर के पिता रोशन लाल शर्मा ने कहा, ‘हमारा बेटा भगत सिंह का बहुत बड़ा भक्त है. वह भगत सिंह की बात करता रहता था. हमारी इज्जत खराब हुई है, जैसा उसने किया उसकी जांच होनी चाहिए.’

इसके अलावा आरोपी के पिता ने कहा, ‘उसकी मां वैसे ही टेंशन में है, उसके दो-दो ऑपरेशन हुए हैं. बेंगलुरु में अपने दोस्त से बातचीत करता था. लेकिन मैं उसे नहीं जानता. कल पता लगा. कल जो हुआ वह बहुत गलत हुआ. ऐसा नहीं होना चाहिए. मामले की सख्त जांच हो. जिसने गलती की है, उसको सजा मिलनी चाहिए. उसने कहा था कि हम दिल्ली जा रहे हैं. 14-15 तारीख को वापस आ जाएंगे. मैं काम से दिल्ली जा रहा हूं. भगत सिंह की किताबें पढ़ता था. हमने कहा था भगत सिंह खाने को नहीं देंगे.’

'मेरी बेटी ने जो किया, वो मजबूरी में किया...' संसद सुरक्षा तोड़ने वाले आरोपियों के परिजनों का छलका दर्द

वहीं संसद भवन के बाहर हंगामा करने वाली नीलम की मां ने कहा कि उनकी बेटी ने गलत तो किया लेकिन उसने ये मजबूरी में किया है. क्योंकि इतना पढ़ने-लिखने के बाद भी उसे नौकरी नहीं मिली है. नीलम के परिजनों को इस बात की जानकारी नहीं थी कि उसने 25 नवंबर को हिसार का पीजी छोड़ दिया था. नीलम की मां ने कहा कि अगर हमें जानकारी होती कि नीलम ने पीजी छोड़ दिया है तो हम उसे अपने घर ले आते. नीलम की मां ने कहा, ‘जो लोग उसके साथ के बताए जा रहे हैं, उन्हें हम नहीं जानते. मेरी बेटी संसद के बाहर थी तो उस पर अंदर वाले आरोपियों जैसा सलूक और क़ानूनी कार्रवाई क्यों की जा रही है.’

Tags: Indian Parliament, Loksabha

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