संसद पर कविताएं: सावधान! संसद है बहस चल रही है- गोरख पांडेय

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

संसद के शीतकालीन सत्र में सुरक्षा चूक का एक बड़ा मामला सामने आया है. बुधवार को लोकसभा की कार्रवाई के दौरान दो लोग दर्शक दीर्घा से कूद कर सांसद गैलरी में आ गए और नारेबाजी करने लगे. हालांकि इन लोगों को सुरक्षा अधिकारियों ने तुरंत ही गिरफ्तार कर लिया. संसद में अचानक हुई इस घटना पर पूरा देश सकते में है. एक बार फिर से संसद की सुरक्षा में चूक हुई है. आज से ठीक 22 साल पहले 2001 में संसद में आतंकी हमला हुआ था. संसद की सुरक्षा को लेकर तमाम तरह की समीक्षा चल रही है.

हमारे लेखक, कवि और शायरों ने भी संसद की गरीमा, सुरक्षा और अहमियत पर कहानी, शायरी और कविताएं लिखी हैं. प्रस्तुत हैं कुछ वीर रस के कवि डॉ. हरिओम पवार, गोरख पांडेय सहित कई कवियों ने संसद पर कविताएं लिखी हैं. प्रस्तुत हैं कुछ रचनाएं-

सावधान! संसद है बहस चल रही है- गोरख पांडेय

सावधान! संसद है बहस चल रही है
भीतर कुछ कुर्सियां मंगाओ
बाहर जेलें नई बनाओ
बांधो लपटें झोंपड़ियों की
महलों की रौनकें बचाओ
खलबली मची है जंगल में
आग जल रही है या भूख जल रही है
जनता के नाम संदेशा है
बिल्कुल आराम से मरो तुम
पर अपने राज को चलाने
के लिए हमें चुना करो तुम
चुने हुए हाथों से ताकत
तेल मल रही है या खून मल रही है
बूटों से रौंदकर सभी को
खेल रही नकली आजादी
मातृभूमि बेच दी जिन्होंने
नेता हो गए पहन खादी
खाली हो रही पतीली में
देश गल रहा है या दाल गल रही है
कुर्सी, कानून, तिजोरी का
गठबंधन धूल में मिला दो
यह सदर मुकाम है ठगों का
ऐ लोगो! बमों से उड़ा दो
देख लो प्रपंच-योजनाएं
अन्न फल रहा है या मौत फल रही हैं।

रसिद्ध कवि डॉ. हरिओम पवार ने संसद पर हुए आतंकी हमले पर एक गीत लिखा था. यह गीत बहुत चर्चित भी हुआ-

मैं भी गीत सुना सकता हूं शबनम के अभिनंदन के
मैं भी ताज पहन सकता हूं नंदन वन के चन्दन के
लेकिन जब तक पगडंडी से संसद तक कोलाहल है
तब तक केवल गीत पढूंगा जन-गण-मन के क्रंदन के

जब पंछी के पंखों पर हों पहरे बम के, गोली के
जब पिंजरे में कैद पड़े हों सुर कोयल की बोली के
जब धरती के दामन पार हों दाग लहू की होली के
कैसे कोई गीत सुना दे बिंदिया, कुमकुम, रोली के

मैं झोपड़ियों का चारण हूं आंसू गाने आया हूं
घायल भारत माता की तस्वीर दिखाने लाया हूं ।

Tags: Hindi Literature, Indian Parliament, Poem

Source link

Leave a Comment