Parliament Security Breach: संसद के अंदर क्यों घुसे थे लोग? क्या था मकसद? IB और फॉरेंसिक टीम कर रही जांच

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नई दिल्ली. संसद भवन की सुरक्षा में बुधवार को बेहद गंभीर चूक सामने आई है, जहां 2 लोग दर्शक दीर्घा से लोकसभा के अंदर कूद गए. इन लोगों के इस तरह कूदते ही वहां अफरातफरी का माहौल बन गया. कुछ सांसदों ने तत्काल आगे बढ़कर इन्हें पकड़ने की कोशिश की, तो उन लोगों को अपने जूते में कलर स्मॉग कैन छिपा रखा था और उससे वहां धुआं फैल गया. उनकी इस हरकत ने हरकत ने सदन के अंदर दहशत सी फैला दी.

इस घटना के तत्काल बाद दोनों लोगों को पकड़ लिया गया. इसके अलावा संसद परिसर के बाहर प्रदर्शन कर रहे दो अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया गया है. वहीं लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बताया कि लोकसभा अपने स्तर पर जांच कर रही है तथा इस बारे में दिल्ली पुलिस को भी निर्देश दिया गया है. रूल्स के मुताबिक, संसद भवन के अंदर सुरक्षा अधिकारी लोकसभा स्पीकर को ही सुरक्षा की रिपोर्ट देते हैं.

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इस बीच दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के इंस्पेक्टर कई टीमों के साथ संसद के अंदर पहुंच गए हैं. यह टीम संसद के अंदर से हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ करेगी. वहीं संसद परिसर के बाहर से पकड़े गए प्रदर्शनकारियों से संसद मार्ग थाने की पुलिस पूछताछ करेगी. इस बीच IB की टीम भी संसद मार्ग थाने पहुंच गई है.

आरोपियों की हुई पहचान
संसद भवन के अंदर पहुंचने वाले एक आरोपी का नाम सागर शर्मा है, वहीं दूसरे का नाम मनोरंजन है. इसके अलावा संसद परिसर के बाहर से पकड़े गए प्रदर्शकारियों का नाम अमोल शिंदे और नीलम बताया जा रहा है. प्राप्त जानकारी के मुताबिक, इन लोगों ने मैसूर से बीजेपी सांसद के कनेक्शन से संसद भवन में प्रवेश करने का पास बनवाया था.

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इस बीच सूत्रों ने बताया कि अमोल और नीलम के पास से जब्त सामान लेकर फॉरेंसिक जांच दल की वैन संसद मार्ग थाने से निकल गई है. ये एक मोबाइल फॉरेंसिक वैन होती है, जिससे मौके पर ही फोरेंसिक जांच की जाती है. संसद मार्ग थाने के अमोल शिंदे और नीलम को हिरासत में रखा गया है.

Parliament Security Breach: संसद के अंदर क्यों घुसे थे लोग? क्या था मकसद? IB और फॉरेंसिक टीम कर रही जांच

उधर स्पेशल सेल यूनिट के डीसीपी राजीव रंजन भी पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पहुंचे हैं. इनकी टीम आतंकियों के ऊपर काम करती है. इस मामले में अभी तफ्तीश जारी है और पुलिस ने इस तरह विरोध प्रदर्शन के पीछे के मकसद का पता लगाने में जुटी है. माना जा रहा है कि पूछताछ के बाद ही उनके खिलाफ धाराएं तय की जाएंगी. सूत्रों ने बताया कि इन लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 186 पब्लिक सर्वेंट के कामकाज में बाधा डालना. आईपीसी की धारा 427- पब्लिक प्रोपर्टी को डेमेज करने जैसी धाराओं में कार्रवाई की जा सकती है. हालांकि दिल्ली पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि अभी इस संबंध में कुछ भी कहना जल्दबाजी है.

Tags: Parliament, Parliament house

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