बेटे को इंजीनियर बनाने के लिए छोड़ा गांव, शहर में किया छोटा-मोटा काम, अब मनोरंजन की हरकत पर पिता दे रहे सफाई

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नई दिल्ली. संसद के लोअर हाउस यानी लोकसभा की सुरक्षा में सेंध लगाने के आरोप में दो उपद्रवियों सहित कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. चार में से एक आरोपी मनोरंजन दक्षिण भारत के मैसूर का रहने वाला है. 35 वर्षीय मनोरंजन को संसद की विजिटर गैलरी से नीचे कूदने के बाद सुरक्षाकर्मियों और लोकसभा सांसदों ने मिलकर पकड़ा. इससे पहले वो लोकसभा में रंगीन धुआं उड़ाने में सफल रहा. मनोरंजन ने 2014 में बेंगलुरु की विवेकानंद यूनिवर्सिटी से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की थी.

उसने अपने तीन अन्‍य साथियों के साथ मिलकर इस घटना को संसद हमले के ठीक 22 साल बाद वर्षगांठ के मौके पर अंजाम दिया. तब पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादियों ने पुराने संसद भवन पर हमला किया था और नौ लोगों की हत्या कर दी थी. अब दिल्‍ली पुलिस द्वारा दी गई सूचना के आधार पर कर्नाटक पुलिस मनोरंजन के माता-पिता के घर पहुंची और उनसे पूछताछ की. पिता बेटे की हरकत पर अब सफाई देते फिर रहे हैं. उन्‍होंने इस घटना को गलत करार दिया.

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पिता ने दी बेटी की हरकत पर सफाई
गिरफ्तार आरोपी मनोरंजन के पिता देवराज गौड़ा ने मीडिया से बातचीत की. उन्‍होंने कहा कि हमारा परिवार किसी भी बुरी गतिविधियों में शामिल नहीं था. मेरे ससुर पटेल एरे गौड़ा हैं. मेरे पिता भद्रप्पा गौड़ा हैं और मैं देवराजे गौड़ा हूं. मूल रूप से हम अरकलगुड, हासन से हैं, हम अपने बेटे की शिक्षा के लिए मैसूर आ गए थे. हमारा अरकगुड का मल्लापुरा गांव है, वहां हमारा खेत है, हम वहां खेती करते हैं.

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15 साल की उम्र में मैसूर आया था मनोरंजन
पिता ने कहा कि बेटा 15 साल की उम्र में मैसूर आया और सेंट जोसेफ और मारिमलप्पा में अध्ययन किया. पीयूसी तक मैसूर में पढ़ाई की और फिर आगे की पढ़ाई के लिए मैसूर चले गए. उसने 2013-14 में अपनी इंजीनियरिंग की डिग्री पूरी की. पिता ने बताया कि मैंने उसके लिए भेड़ और मुर्गी पालन का प्रोजेक्ट किया. उन्होंने कहा कि वह अक्सर बेंगलुरु जाते थे और स्वामी विवेकानन्द की किताबें पढ़ते थे.

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