करणी सेना एक राजनीतिक दल नहीं…फिर भी राजस्‍थान की राजनीति में क्‍यों है इसका इतना महत्‍व? जानें पूरा इतिहास

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नई दिल्‍ली. राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के प्रदेशाध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की मंगलवार को जयपुर  में गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया. मन में सवाल उठना लाजमी है कि आखिर यह करणी सेना क्‍या है. यह कैसे काम करती है. आइये हम आपको इसके बारे में विस्‍तार में जानकारी उपलब्‍ध कराते हैं. दरअसल, करणी सेना का गठन साल 2006 में हुआ था. यह मूल रूप से राजपूत समाज द्वारा बनाया गया संगठन है, जो राजस्थान पर आधारित है.

यह कोई राजनीतिक संगठन नहीं है. हालांकि लोगों के बीच गहरी पकड़ होने के चलते राजनीतिक दलों के बीच करणी सेना की मजबूत पकड़ है. संगठन का नाम करणी माता के नाम पर रखा गया था, जिन्हें उनके अनुयायियों द्वारा हिंगलाज माता का अवतार माना जाता है. हिंगलाज माता 51 शक्ति पीठ में से एक है, जिनका मंदिर पाकिस्‍तान के बलूचिस्‍तान में है. यूं तो राजस्‍थान में प्रमुख शहरों में कई राजपूत सभा काम करती है. क्षत्रिय युवक संघ कई दशकों से संगठित होकर राजपूतों की भलाई के लिए काम कर रहे हैं. इन सबके बीच करणी सेना ने एक अलग रास्ता अपनाया और खुद को युवकों पर केंद्रित किया.

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पद्मावत फिल्‍म की रिलीज के वक्‍त करणी सेना हुई प्रचलित

साल 2017 से पहले तक देश के लोगों को करणी सेना के बारे में ज्‍यादा जानकारी नहीं थी. निदेशक संजय लीला भंसाली की फिल्‍म पद्मावत के रिलीज के वक्‍त एकाएक दुनिया ने करणी सेना का नाम सुना. करणी सेना की एक आवाज पर हजारों की संख्‍या में युवा जयपुर में इकट्ठा हुए और फिल्‍म की रिलीज का विरोध करने लगे. इस दौरान उन्‍होंने कई सिनेमा घरों में तोड़फोड़ भी की. जयपुर में कानून की पढ़ाई करने वाले दलपत सिंह देवड़ा ने कुछ साल पहले बीसीसी को बताया था, ‘करणी सेना न केवल राजपूतों के गौरव की रक्षा कर रही है बल्कि यह संगठन समाज के हितों की भी चिंता करता है. आज राजपूत पढ़ लिखकर बेरोजगार घूम रहे हैं. करणी सेना हिन्दू संस्कृति के संरक्षण का काम कर रही है.’

राजस्‍थान की राजनीति में करणी सेना का क्‍या है महत्‍व?
करणी सेना के भारी विरोध के बावजूद पद्मावत फिल्‍म साल 2017 में रिलीज हुई थी. राजपूत समाज फिल्‍म को लेकर काफी नाराज था. इस बात का खामियाजा तत्‍कालीन मुख्‍यमंत्री वसुंधरा राजे को अगले साल हुए विधानसभा चुनाव के दौरान भुगतना पड़ा था. राजपूत समाज की नाराजगी के कारण बीजेपी को राज्‍य से सत्‍ता गंवानी पड़ी थी.

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करणी सेना के हैं तीन गुट
जैसे-जैसे करणी सेना की लोकप्रियता राजपूत समाज के बीच बढ़ती चली गई, इसने संगठन को तीन हिस्‍सों में बांट दिया. इस वक्‍त तीन गुट करणी सेना के नाम से जाने जाते हैं. इनके नाम श्री राजपूत करणी सेना, श्री राजपूत करणी सेवा समिति और श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना है. तीनों संगठन अपने-अपने तरीके से राजपूत समाज के लिए काम कर रहे हैं.

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