
मॉडल और सेलिब्रिटी राखी सावंत ने एक अन्य मॉडल द्वारा उनके खिलाफ दायर मानहानि और शीलभंग के मामले को रद्द करने की मांग करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. राखी सावंत ने हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में दावा किया कि शिकायतकर्ता ने बदला लेने की इच्छा से प्रेरित होकर मेरे खिलाफ झूठी एफआईआर दर्ज करवाई है.
राखी सावंत ने याचिका में दावा किया है कि शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए झूठे आरोप और अपमानजनक बयान न केवल व्यक्तिगत संकट का कारण बनते हैं, बल्कि मेरे सफल करियर को भी बर्बाद करते हैं. यह स्पष्ट है कि शिकायतकर्ता ने द्वेष रखकर और बदले की कार्रवाई के रूप में झूठी एफआईआर दर्ज करवाई है. हाईकोर्ट में राखी सावंत ने यह याचिका वकील अली काशिफ खान के जरिए दायर की है.
मॉडल ने शिकायत दर्ज कर आरोप लगाया था कि 31 अक्टूबर 2022 को राखी सावंत ने शिकायतकर्ता के कुछ वीडियो दिखाए और उनके सम्मान को हानि देने वाले बयान दिए. शिकायतकर्ता ने यह भी दावा किया कि मीडिया को दिखाया गया वीडियो यौन उत्पीड़न वाला था.
800 करोड़ रुपये का महल… बंपर कमाई करने वाली रणबीर कपूर की एनिमल का क्या है इससे से लिंक? जानें
सावंत पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 354 (ए) (एक महिला की विनम्रता को अपमानित करना), 500 (मानहानि), 504 (आपराधिक धमकी), 509 (उकसाने का इरादा) और 34 (सामान्य इरादा) के तहत एफआईआर दर्ज की गई. इसके साथ एफआईआर में सूचना और प्रौद्योगिकी अधिनियम (आईटी अधिनियम) की धारा 67 (ए) को भी जोड़ा गया है.
राखी सावंत ने दावा किया कि अगर एफआईआर की सावधानीपूर्वक जांच की जाए तो संकेत मिल जाएगा कि जो आरोप लगाए गए है वह सच नहीं है. राखी ने यह भी कहा कि मैंने और शिकायतकर्ता ने सभी विवादों को सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझा लिया था, हालांकि एफआईआर का लंबित रहना शिकायतकर्ता द्वारा अदालत का समय बर्बाद करने की एक रणनीति के अलावा कुछ नहीं था.
सावंत ने याचिका में दावा किया कि आईपीसी की धारा 354ए के तहत शील भंग करने का अपराध किसी महिला के खिलाफ नहीं लगाया जा सकता, क्योंकि यह केवल पुरुषों के खिलाफ लागू होता है. इसलिए, सावंत ने प्रार्थना की है कि 18 अक्टूबर को दायर एफआईआर को रद्द कर दिया जाए.
.
Tags: Bombay high court, Rakhi sawant
FIRST PUBLISHED : December 5, 2023, 11:26 IST





