
हाइलाइट्स
तेलंगाना में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने 64 सीटों पर जीत हासिल की.
तेलंगाना में सीएम पद की रेस में रेवंत रेड्डी कांग्रेस की तरफ से सबसे आगे चल रहे हैं.
नई दिल्ली: तेलंगाना विधानसभा चुनाव के नतीजों ने कांग्रेस को राज्य में सरकार बनाने को लेकर रास्ता आसान कर दिया है. हालांकि सीएम पद के चयन को लेकर पार्टी में थोड़ी मुश्किलें आ रही हैं. लेकिन कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रेवंत रेड्डी का नाम सबसे आगे चल रहा है, जिन्हें राज्य में पार्टी की सफलता सा मुख्य सूत्राधार माना जा रहा है. रेवंत रेड्डी का सीएम बनने का रास्ता मुश्किलों से भरा हुआ है. क्योंकि बीआरएस और भाजपा की युवा शाखा के पूर्व सदस्य, 54 वर्षीय रेवंत रेड्डी के खिलाफ पार्टी में आलोचक भी हैं और ऐसा माना जा रहा है कि, उनकी संभावित नियुक्ति पर विरोध किया जा रहा है.
सीएम पद को लेकर रेवंत रेड्डी पहली पसंद
एनडीटीवी ने सूत्रों के हवाले से बताया गया कि पार्टी में सीएम पद के लिए रेवंत रेड्डी पहली पसंद हैं. एक सूत्र ने कहा, ‘हम पर्यवेक्षकों द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट के आधार पर फैसला लेंगे (लेकिन) रेवंत रेड्डी स्पष्ट रूप से सबसे आगे हैं.’ इस बार के विधानसभा चुनाव में रेवंत रेड्डी ने दो सीटों से चुनाव लड़ा, जहां एक सीट पर हार हुई तो वहीं दूसरी सीट पर उन्होंने जीत दर्ज की.
पर्यवेक्षकों के साथ बैठक करने के बाद खड़गे करेंगे नाम का ऐलान
उन्होंने केसीआर के खिलाफ कामारेड्डी से चुनाव लड़ा लेकिन बीजेपी प्रत्याशी ने दोनों बड़े नेताओं को हरा दिया. भाजपा के उम्मीदवार केवी रमण रेड्डी ने दोनों को हरा दिया. हालांकि, अन्य लोगों ने कहा कि शपथ ग्रहण समारोह की योजना आज शाम के लिए बनाई गई थी. लेकिन मुख्यमंत्री पर निर्णय होने तक प्लान को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है. इन सूत्रों ने यह भी कहा कि कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे पार्टी के चुनाव पर्यवेक्षकों के साथ बैठक के बाद ही किसी नाम की घोषणा करेंगे. एक पैनल जिसमें कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार शामिल हैं.
रेवंत रेड्डी के अलावा पार्टी में दूसरा नाम भी चर्चा में
सूत्रों ने बताया कि पर्यवेक्षक मंगलवार को दिल्ली के लिए रवाना होंगे. इस बीच, पार्टी के नवनिर्वाचित विधायकों की एक बैठक हैदराबाद में हुई और, जैसा कि अपेक्षित था, उन्होंने एक प्रस्ताव पारित किया जिसमें खड़गे को नया मुख्यमंत्री चुनने के लिए अधिकृत किया गया. राज्य सरकार के शीर्ष पद के लिए कम से कम दो अन्य संभावित उम्मीदवार हैं, और जो लोग के चंद्रशेखर राव के बाद मुख्यमंत्री पद की उम्मीद कर रहे हैं, वे भी वरिष्ठ नेतृत्व की पैरवी कर रहे हैं.
रेवंत रेड्डी के साथ-साथ मल्लू भट्टी विक्रमार्क का नाम भी रेस में शामिल
कांग्रेस पार्टी में रेवंत रेड्डी के अलावा जो दूसरा नाम चर्चा में है, वो हैं मल्लू भट्टी विक्रमार्क, जो कि दलित नेता हैं और राज्य में एक प्रमुख चेहरा भी है. मतदान से पहले विक्रमार्क ने 1,400 किलोमीटर की राज्यव्यापी पदयात्रा की, जिससे मतदाताओं की चिंताओं को समझने में मदद मिली. सूत्रों ने कहा कि 62 वर्षीय नेता की यात्रा ने कांग्रेस की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
उत्तम कुमार रेड्डी का नाम शामिल
दूसरे हैं उत्तम कुमार रेड्डी, सात बार के विधायक और पूर्व वायुसेना पायलट, जो रेवंत रेड्डी के सत्ता संभालने तक कांग्रेस के राज्य प्रमुख थे. वह पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच एक लोकप्रिय चेहरा बने हुए हैं और पार्टी में शामिल होने के 10 साल से भी कम समय के बाद रेवंत रेड्डी को शीर्ष पद पर पहुंचाकर भविष्य में संभावित दरार से बचने के लिए दौड़ में शामिल हो सकते हैं.

तेलंगाना में बीआरएस को करारी हार
मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में भाजपा के हाथों हार गई कांग्रेस ने तेलंगाना में जीत का दावा करके एक तरह की सांत्वना हासिल की. पार्टी ने राज्य में 64 सीटें हासिल कीं. बीआरएस ने 2018 में 88 सीटों के साथ राज्य में जीत हासिल की, लेकिन इस बार केवल 39 सीटें ही जीत पाई.
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FIRST PUBLISHED : December 5, 2023, 07:17 IST





