
ऐसा कोई विषय नहीं, जिस पर हमारे हिंदी कवियों ने कविताएं न कही हों. हास्य कवियों ने अपनी कविताओं के माध्यम से नेताओं को लेकर तमाम तरह के व्यंग्य और रचनाएं रची हैं, जिनमें हमारे नेता नए रूप-रंग और साजो-सामान के साथ नजर आते हैं. प्रस्तुत हैं सुप्रसिद्ध हास्य कवि और सम्मेलनों के मशहूर कवि ‘ओम प्रकाश आदित्य’ की वो चुनिंदा कविताएं जिनमें उन्होंने नेताजी का नख-शिख वर्णन बेहद दिलचस्प तरीके से किया है. आइये पढ़ते हैं और मज़ा आए तो दोस्तों से भी साझा करें, कि हमारा नेता कैसा हो, क्या सचमुच इन कविताओं जैसा हो…





