
रंगमंच के लिए आवश्यक तत्व है- नेपथ्य. जिस नाट्यदल का नेपथ्य समूह जितना मजबूत होता है वह समूह उतनी ही अच्छी नाट्य प्रस्तुति कर पाता है. पर, विडम्बना है कि नेपथ्य से जुड़े लोग प्राय: कहीं पीछे छूट जाते हैं. मंच के पीछे काम करने वाले लोगों को आगे लाने के लिए दिल्ली की नाट्य मैथिली लोक रंग- ‘मैलोरंग’ कई स्तर पर प्रयास कर रही है. इस कड़ी में मैलोरंग हर वर्ष रंगमंच की दुनिया में विशिष्ट योगदान देने वाले रंगकर्मियों को ‘नेपथ्य रंग सम्मान’ से सम्मानित करती है.
‘मैलोरंग नेपथ्य रंग सम्मान’ के संयोजक प्रसिद्ध रंगकर्मी प्रो. देवेंद्र राज अंकुर हैं. देवेंद्र राज अंकुर स्वयं ‘कहानी का रंगमंच’ के जन्मदाता हैं और राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय-एनएसडी के निदेशक भी रह चुके हैं. सम्मान संचालन प्रक्रिया मैलोरंग के निदेशक डॉ. प्रकाश झा की देखरेख में सम्पादित होता है.
इस वर्ष ‘मैलोरंग’ ने रंगमंच के नेपथ्य में योगदान देने वाले रंगकर्मियों अनिला सिंह और श्रीकांत किशोर को मैलोरंग नेपथ्य रंग सम्मान से सम्मानित किया. सम्मानित रंगकर्मी को प्रतीक चिह्न, अंगवस्त्र और 51,000 रुपये की राशि प्रदान की जाती है.
श्रीकांत किशोर को ‘मैलोरंग नेपथ्य रंग सम्मान’से सम्मानित करते हुए एनएसडी के निदेशक चिरंजन त्रिपाठी और वरिष्ठ रंगकर्मी एमके रैना.
डॉ. प्रकाश झा ने बताया कि इस वर्ष चौथे और पांचवें मैलोरंग ‘नेपथ्य रंगसम्मान’ की घोषणा एक साथ की गई थी. सुप्रसिद्ध परिधान परिकल्पक अनिला सिंह खोसला को चौथे तथा रंगसमीक्षा, अनुवाद एवं नाट्य लेखन के क्षेत्र में योगदान देने वाले श्रीकांत किशोर को पांचवे ‘नेपथ्य रंगसम्मान’ से सम्मानित किया गया. श्रीकांत किशोर वर्तमान में सीआईएसएफ में डीआईजी के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं.
नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय परिसर में आयोजित समारोह में रंगकर्मियों को सम्मानित किया गया. इस अवसर पर वरिष्ठ रंग निर्देशक एम. के. रैना, प्रो. महेश आनंद, एनएसडी के निदेशक चितरंजन त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में रंगमंच से जुड़ी हस्तियां मौजूद थीं. कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ रंगकर्मी अमिताभ श्रीवास्तव ने किया.
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Tags: Hindi Literature, Literature and Art
FIRST PUBLISHED : December 4, 2023, 10:04 IST





